
69000 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों का प्रदर्शन
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ
69000 शिक्षक भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों ने बुधवार को जोरदार प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ने “न्याय करो” और “सुप्रीम कोर्ट में मजबूत पैरवी करो” जैसे नारे लगाते हुए सरकार के खिलाफ विरोध जताया। इस दौरान प्रदर्शनकारी दो समूहों में बंट गए—एक ने चारबाग रेलवे स्टेशन के पास भीख मांगकर विरोध दर्ज कराया, जबकि दूसरे समूह ने विधान भवन का घेराव किया। अभ्यर्थियों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी और सुप्रीम कोर्ट में कमजोर पैरवी के चलते उन्हें वर्षों से नियुक्ति नहीं मिल पा रही है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच करीब आधे घंटे तक धक्का-मुक्की और नोकझोंक हुई। महिला अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि उनके साथ अभद्रता की गई, चूड़ियां तोड़ी गईं और कपड़े फाड़े गए। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया। वहां कुछ अभ्यर्थी ठेला लगाने वालों से भीख मांगते नजर आए। देवरिया से आए एक अभ्यर्थी ने आरोप लगाया कि भीख में जुटाए गए पैसे भी पुलिस ने छीन लिए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे पिछले पांच वर्षों से न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं और कई बार जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। उनका आरोप है कि लचर पैरवी के कारण ही उन्हें नौकरी नहीं मिल पा रही है। पुलिस का कहना है कि स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई है, जबकि मामले को लेकर जांच जारी है।
'मंत्री सिर्फ देते हैं आश्वासन'
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट में प्रदेश सरकार की लचर पैरवी की वजह से उन्हें नियुक्ति नहीं मिल पा रही। पिछले 5 वर्षों से रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि 5 सालों में सैकड़ो बार, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव कर चुके हैं। हर बार मंत्री आश्वासन देते हैं।