
Pardarshi Vikash News सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट चंद्रनाथ रथ की बुधवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमलावरों ने मध्यमग्राम इलाके में उनकी स्कॉर्पियो को रोककर ताबड़तोड़ फायरिंग की। चंद्रनाथ को सीने में दो और पेट में एक गोली लगी। वारदात में उनका ड्राइवर भी घायल हुआ है।42 वर्षीय चंद्रनाथ रथ बुधवार रात करीब 9 बजे कोलकाता से मध्यमग्राम स्थित अपने किराए के घर लौट रहे थे। वह स्कॉर्पियो की आगे वाली सीट पर बैठे थे, जबकि ड्राइवर गाड़ी चला रहा था।रात करीब 9:58 बजे इलाके के एक सीसीटीवी कैमरे में उनकी स्कॉर्पियो गुजरती दिखाई दी। फुटेज में कुछ देर बाद एक कार और दो बाइक पर सवार संदिग्ध भी उसी दिशा में जाते नजर आए।रात करीब 10:30 बजे दोहरिया जंक्शन के पास एक कार स्कॉर्पियो से आगे निकलकर सामने रुक गई। इससे स्कॉर्पियो चालक को वाहन रोकना पड़ा।इसी दौरान बाइक सवार हमलावर वाहन के बाईं ओर पहुंचे और 6 से 10 राउंड फायरिंग कर दी। हमला इतना अचानक था कि चंद्रनाथ और उनका ड्राइवर संभल नहीं सके। वारदात के बाद हमलावर कार मौके पर छोड़कर मोटरसाइकिलों से फरार हो गए। पुलिस जांच में सामने आया कि घटनास्थल से बरामद कार की नंबर प्लेट फर्जी थी। कार के चेसिस नंबर के साथ भी छेड़छाड़ की गई थी। प्रारंभिक जांच के मुताबिक हमलावरों ने ग्लॉक 47X पिस्टल जैसे आधुनिक हथियार का इस्तेमाल किया। पुलिस का मानना है कि वारदात को पेशेवर शूटरों ने अंजाम दिया है।एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि चंद्रनाथ की गाड़ी आगे निकलने के कुछ देर बाद अचानक सड़क पर रुक गई। तभी बाइक सवार एक व्यक्ति आया और बेहद करीब से फायरिंग शुरू कर दी। उसके मुताबिक हमला पूरी तरह सुनियोजित लग रहा था।दूसरे प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि जब वह मौके पर पहुंचे तो गाड़ी की आगे वाली सीट पर बैठे लोग खून से लथपथ थे। पीछे बैठा व्यक्ति रो रहा था। लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की और पुलिस को सूचना दी।चंद्रनाथ रथ पहले एयरफोर्स में अधिकारी थे। वीआरएस लेने के बाद उन्होंने कुछ समय कॉर्पोरेट सेक्टर में काम किया और बाद में राजनीति से जुड़ गए।सुवेंदु अधिकारी जब तृणमूल कांग्रेस में थे, तभी से चंद्रनाथ उनके साथ काम कर रहे थे। वर्ष 2019 में वह सुवेंदु की आधिकारिक टीम का हिस्सा बने थे।चंद्रनाथ का परिवार भी पहले तृणमूल कांग्रेस से जुड़ा हुआ था। उनकी मां हाशी रथ पूर्व मेदिनीपुर में पंचायत निकाय से जुड़ी रही थीं। बाद में वह भी सुवेंदु अधिकारी के साथ भाजपा में शामिल हो गई थीं। चंद्रनाथ को शांत स्वभाव और लो-प्रोफाइल व्यक्तित्व के लिए जाना जाता था। लंबे समय तक सुवेंदु अधिकारी के करीबी होने के बावजूद वह सार्वजनिक रूप से कम ही नजर आते थे।