
PARDARSHI VIKASH NEWS अटलांटिक महासागर में चल रहे क्रूज शिप MV होंडियस पर हंतावायरस के मामले सामने आने के बाद चिंता बढ़ गई है। इस जहाज पर 2 भारतीय नागरिकों सहित कुल 170 यात्री और 71 क्रू सदस्य सवार हैं। अब तक जहाज पर 5 लोगों में हंतावायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है, जबकि 3 लोगों की मौत हो चुकी है।क्रूज नीदरलैंड के झंडे के तहत चल रहा है और स्पेन के कैनरी आइलैंड की ओर बढ़ रहा है, जहां 10 मई तक इसके पहुंचने की संभावना है। वहां सभी यात्रियों की व्यापक मेडिकल जांच की जाएगी। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस घटना को गंभीर बताया है, हालांकि फिलहाल आम लोगों के लिए खतरा कम माना गया है।लीडेन यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर की डॉक्टर करिन एलेन वेल्डकैंप के अनुसार हंतावायरस कोरोना जैसा नहीं है और यह इंसान से इंसान में बहुत आसानी से नहीं फैलता। उन्होंने कहा कि संक्रमित मरीजों को आइसोलेशन में रखा जाता है और उनकी लगातार निगरानी की जाती है। मरीजों को तब तक अलग रखा जाता है जब तक उनके लक्षण पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाते और टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव नहीं आ जाती।विशेषज्ञों के मुताबिक हंतावायरस का इन्क्यूबेशन पीरियड लगभग छह हफ्ते तक हो सकता है, यानी वायरस शरीर में प्रवेश करने के बाद लक्षण दिखने में काफी समय लग सकता है। इसी कारण आगे भी नए मामलों की संभावना बनी हुई है।WHO ने यह भी बताया है कि इस जहाज पर हुई मौतों में एंडीज स्ट्रेन के शामिल होने की आशंका है, जो अन्य हंतावायरस की तुलना में अलग है क्योंकि यह कभी-कभी इंसानों के बीच भी फैल सकता है। यह वायरस मुख्य रूप से चूहों और उनके मल-मूत्र के संपर्क से फैलता है और दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में पाया जाता है।जांच में सामने आया है कि पहले संक्रमित दो यात्री चिली, अर्जेंटीना और उरुग्वे की यात्रा कर चुके थे, जहां ऐसे वायरस फैलाने वाले चूहों की मौजूदगी पाई जाती है। इसके बाद ही संक्रमण जहाज तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।यह क्रूज 20 मार्च को अर्जेंटीना के उशुआइया से रवाना हुआ था और दक्षिण ध्रुव के आसपास के क्षेत्रों से होते हुए अटलांटिक पार कर यूरोप की ओर बढ़ रहा था। यात्रा के दौरान पहला मरीज 70 वर्षीय व्यक्ति था, जिसकी जहाज पर ही मौत हो गई थी। बाद में उसकी पत्नी की भी तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में मृत्यु हो गई।WHO ने इस घटना को देखते हुए 12 देशों को अलर्ट जारी किया है, जिनमें ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा, जर्मनी और सिंगापुर शामिल हैं। फिलहाल जहाज पर स्वास्थ्य टीम लगातार निगरानी और आइसोलेशन प्रक्रिया में जुटी हुई है, जबकि आगे की जांच कैनरी आइलैंड पहुंचने पर की जाएगी।