
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। प्रमुख अस्पतालों हैलट, कार्डियोलॉजी, मुरारीलाल चेस्ट हॉस्पिटल, जेके हॉस्पिटल, हैलट पीजीआई और जच्चा-बच्चा अस्पताल के आसपास नो-ट्रैफिक जोन बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसका उद्देश्य अस्पतालों के बाहर लगने वाले जाम को खत्म करना और एंबुलेंस की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में बुधवार को डीसीपी ट्रैफिक रवीन्द्र कुमार ने रावतपुर से मोतीझील और कॉकाकोला चौराहे तक यातायात व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने हैलट अस्पताल मार्ग, कार्डियोलॉजी रोड, गंगा बैराज और गोल चौराहा क्षेत्र की ट्रैफिक स्थिति का जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान सड़क पर वाहनों का दबाव, अवैध पार्किंग, ई-रिक्शा और ऑटो संचालन के साथ सड़क किनारे अतिक्रमण की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को अस्पतालों के बाहर अवैध पार्किंग हटाने और ई-रिक्शा व ऑटो के लिए निर्धारित स्टॉप तय करने के निर्देश दिए गए।डीसीपी ट्रैफिक ने सड़क पर अनावश्यक रूप से वाहन खड़े करने वालों के खिलाफ अभियान चलाने और अस्पताल मार्गों पर विशेष ट्रैफिक प्रबंधन लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि “Reducing Traffic Congestion (RTC) Scheme” के तहत ट्रैफिक दबाव वाले क्षेत्रों में नियमित निगरानी और सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।अधिकारियों के अनुसार अस्पतालों के आसपास लगभग एक किलोमीटर तक नो-ट्रैफिक जोन विकसित करने की योजना है, ताकि मरीजों और एंबुलेंस को जाम की समस्या से राहत मिल सके।