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अल-नीनो के असर से कमजोर पड़ सकता है मानसून

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PARDARSHI VIKASH NEWS भारत में इस साल सामान्य से कम बारिश की आशंका जताई जा रही है। अमेरिकी मौसम एजेंसी National Oceanic and Atmospheric Administration (NOAA) के मुताबिक मई से जुलाई के बीच अल-नीनो सक्रिय हो सकता है। एजेंसी के अनुसार प्रशांत महासागर का तापमान सामान्य से 0.5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा दर्ज किया गया है और इसके पूरे मॉनसून सीजन तक बने रहने की संभावना है। पिछले महीने जहां इसकी संभावना 61% थी, वहीं अब यह बढ़कर 82% हो गई है। भारतीय मौसम विभाग के प्रमुख मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि इसका सीधा असर मानसून की बारिश पर पड़ेगा और देश में सूखे का खतरा बढ़ सकता है।अल-नीनो के कारण समुद्र का पानी असामान्य रूप से गर्म हो जाता है, जिससे मानसूनी हवाएं कमजोर पड़ती हैं और बारिश का चक्र प्रभावित होता है। इसका असर उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत में ज्यादा देखने को मिल सकता है। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश का अनुमान है। वहीं इंडोनेशिया और उत्तरी ऑस्ट्रेलिया में सूखे और जंगलों में आग का खतरा बढ़ सकता है। वैज्ञानिकों के अनुसार दुनिया में कुल बारिश बढ़ने के बावजूद लंबे ड्राई स्पेल और तेज बारिश के कारण जमीन तेजी से सूख रही है, क्योंकि एक साथ ज्यादा पानी गिरने पर मिट्टी उसे पूरी तरह सोख नहीं पाती।