
PARDARSHI VIKASH NEWS लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड में 15 बच्चों की मौत के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संवेदनशीलता और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर पूर्व पुलिस महानिदेशक ए.के. जैन ने अपने लेख में विस्तार से चर्चा की है। लेख के अनुसार, घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ने अलीगढ़ में चल रहा अपना कार्यक्रम बीच में छोड़ दिया और तत्काल लखनऊ पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल जाना तथा मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की, जबकि प्रधानमंत्री राहत कोष से भी सहायता राशि की घोषणा की गई।लेख में बताया गया है कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर देर रात उच्चस्तरीय बैठक कर घटना के लिए जिम्मेदार चार अधिकारियों को निलंबित किया गया और भवन मालिक समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया, जिसे सात दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए। इसके बाद प्रदेशभर में कोचिंग संस्थानों और अन्य शिक्षण संस्थाओं में सुरक्षा मानकों की जांच का अभियान भी शुरू किया गया।लेख में यह भी उल्लेख किया गया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्राकृतिक आपदाओं, दुर्घटनाओं और कोविड-19 महामारी जैसे संकटों के दौरान भी स्वयं प्रभावित लोगों के बीच पहुंचकर राहत कार्यों की निगरानी की। लेखक का मत है कि संवेदनशील नेतृत्व केवल पीड़ितों को सांत्वना देने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भी ठोस कदम उठाता है। यही सरकार और जनता के बीच विश्वास का आधार बनता है।