
पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी। अम्बेडकर पार्क जनता नगर भादर में बामसेफ की विधानसभा यूनिट की ओर से ‘सामाजिक परिवर्तन और आर्थिक मुक्ति के आंदोलन में शिक्षित कर्मचारियों की भूमिका’ विषय पर गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक में डॉ. भीमराव अम्बेडकर के मानवतावादी आंदोलन, वर्तमान चुनौतियों और सामाजिक परिवर्तन के मुद्दों पर चर्चा हुई।गोष्ठी में आरक्षण व्यवस्था को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने एससी-एसटी कर्मचारियों के पदोन्नति में आरक्षण लागू करने तथा विश्वविद्यालयों, शिक्षण संस्थानों और सरकारी सेवाओं में आरक्षण का बैकलॉग पूरा करने की मांग उठाई।बामसेफ जिला संयोजक संजीव भारती ने निजीकरण की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकारी विभागों में रिक्त पदों को भरने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने शिक्षित बेरोजगार युवाओं को स्थायी रोजगार देने की मांग की। उन्होंने कहा कि आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा से पहले उसके ऐतिहासिक और संवैधानिक आधार को समझना जरूरी है।सेवानिवृत्त शिक्षक राम समुझ बौद्ध ने कहा कि बहुजन समाज पार्टी को छोड़कर अन्य राष्ट्रीय दलों की आरक्षण के प्रति नीयत स्पष्ट नहीं है। रामचंद्र ने कहा कि शिक्षा विकास की कुंजी और आरक्षण बहुजन समाज की पूंजी है। इंद्रपाल गौतम ने मान्यवर कांशीराम के संघर्षों को याद किया।बैठक का संचालन विधानसभा संयोजक सुरेंद्र अम्बेडकर ने किया। राजेंद्र कुमार, फूलचंद्र बौद्ध, धर्मेंद्र कुमार, राजेश कुमार कोरी, अनुराग भारती, सुरेश कुमार, रामबली गौतम सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।