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आरोप नहीं, सबूत तय करेंगे दोष:मंत्री

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पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रदेश सरकार में मंत्री डॉ. संजय निषाद शनिवार को 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में बलिदान देने वाले निषाद समाज के 167 वीरों के 170वें बलिदान दिवस कार्यक्रम में शामिल होने कानपुर पहुंचे। सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर दान प्रकरण पर सरकार का पक्ष रखा। डॉ. संजय निषाद ने कहा कि मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश है कि कानून सभी के लिए समान है। जो व्यक्ति जितना बड़ा दोषी होगा, उसके खिलाफ उतनी ही सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि राम मंदिर दान प्रकरण में एफआईआर दर्ज हो चुकी है, कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई है और मामले की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कहा कि केवल आरोप लगा देने से कोई व्यक्ति दोषी नहीं हो जाता। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में आरोपों से अधिक महत्व निष्पक्ष जांच और साक्ष्यों का होता है। जनता ने विपक्ष को सत्ता से बाहर कर दिया है, इसलिए वह लगातार बयानबाजी कर रहा है।उन्होंने कहा कि ईमानदार और निष्ठावान लोगों पर बिना आधार के आरोप नहीं लगाए जाने चाहिए। संविधान का सिद्धांत भी यही कहता है कि केवल दोषियों को ही सजा मिलनी चाहिए। सरकार निष्पक्ष जांच के लिए प्रतिबद्ध है और कानून अपना काम कर रहा है।डॉ. संजय निषाद ने कहा कि कानपुर क्रांतिकारियों की धरती है। वर्ष 1857 की क्रांति में निषाद समाज के 167 वीरों ने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। उन्हीं अमर बलिदानियों की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 27 जून को बलिदान दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम नई पीढ़ी को देशभक्ति और बलिदान की प्रेरणा देते हैं।कार्यक्रम के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने डॉ. संजय निषाद का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सरकार कानून के राज और न्यायपूर्ण व्यवस्था के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा किसी भी मामले में अंतिम निर्णय जांच और साक्ष्यों के आधार पर ही होगा।