
पारदर्शी विकास न्यूज़ बांदा। जनपद में नदियों के किनारे कराई गई करीब 33 करोड़ रुपये की स्टोन पीचिंग पर सवाल उठने लगे हैं। मामला जसपुरा ब्लॉक के इछावर, लसड़ा बसधरी और बड़ोखर ब्लॉक के कनवारा गांव से जुड़ा है, जहां वर्ष 2023-24 में शुरू हुआ कार्य वर्ष 2025 में पूरा हुआ था। आरोप है कि पहली ही बाढ़ में स्टोन पीचिंग बह गई।महेश कुमार प्रजापति ने टीम के साथ कनवारा गांव पहुंचकर निरीक्षण किया। उनका आरोप है कि केन नदी किनारे कराई गई स्टोन पीचिंग टिक नहीं पाई और पूरी संरचना बह गई। ग्रामीणों का कहना है कि कार्य के दौरान ही गुणवत्ता को लेकर विरोध किया गया था, लेकिन अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया।ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि इस बार बाढ़ आई तो गांव का बड़ा हिस्सा प्रभावित हो सकता है। मामले में सिंचाई विभाग प्रांतीय खंड-3 पर लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं।महेश प्रजापति ने बताया कि शिकायत मंडलायुक्त से भी की गई थी और टेक्निकल जांच का आश्वासन मिला था, लेकिन अब तक कोई कमेटी गठित नहीं हुई। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।