
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। चकेरी पुलिस ने 3200 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन मामले में एक और आरोपी संजीव दीक्षित को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार संजीव दीक्षित गरीब और बेरोजगार लोगों को झांसे में लेकर उनके दस्तावेजों से फर्जी कंपनियां बनाता था और उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाकर करोड़ों रुपये का अवैध लेनदेन करता था। वह पहले से जेल में बंद मास्टरमाइंड महफूज अली उर्फ पप्पू छुरी का करीबी सहयोगी बताया जा रहा है।पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने बताया कि बीएससी पास संजीव दीक्षित ने लोगों के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर 13 फर्जी कंपनियां खड़ी की थीं, जिनके माध्यम से करीब 323 करोड़ रुपये के लेनदेन का पता चला है। जांच में सामने आया है कि इन कंपनियों के जरिए फर्जी आईटीसी क्लेम कर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया गया, साथ ही स्क्रैप कारोबारियों और स्लॉटर हाउस संचालकों की रकम को इधर-उधर कर टैक्स चोरी में मदद की गई।पुलिस के मुताबिक इस नेटवर्क के जरिए कई कारोबारी और उद्योगपति भी संदिग्ध लेनदेन करते थे। जांच एजेंसियों के पास 50 से अधिक बड़े कारोबारियों के नाम सामने आए हैं, जिनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि 3200 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन मामले में यह 10वीं गिरफ्तारी है। मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।