
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। कानपुर नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट हैक होने के 15 दिन बाद भी पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी है। वेबसाइट बंद होने से शहर के लाखों नागरिक ऑनलाइन सेवाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। वहीं डेटा सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ गई हैं। आशंका जताई जा रही है कि वेबसाइट से जुड़े संवेदनशील रिकॉर्ड और नागरिकों की जानकारी साइबर अपराधियों के निशाने पर हो सकती है।नगर निगम की ऑनलाइन सेवाएं ठप होने से जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, शिकायत निस्तारण और अन्य डिजिटल सुविधाएं प्रभावित हुई हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग वेबसाइट के माध्यम से सेवाएं प्राप्त करते हैं, लेकिन वेबसाइट बंद होने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।मामले की जांच और वेबसाइट की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नोएडा की एक निजी साइबर सुरक्षा कंपनी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। कंपनी वेबसाइट का सिक्योरिटी ऑडिट कर रही है और कोडिंग सहित पूरे सिस्टम की तकनीकी जांच में जुटी हुई है। सुरक्षा संबंधी सभी खामियों को दूर करने और थर्ड पार्टी सुरक्षा प्रमाणन मिलने के बाद ही वेबसाइट को दोबारा ऑनलाइन किया जाएगा।नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने बताया कि ऑडिट और तकनीकी जांच की अंतिम रिपोर्ट अगले दो दिनों में मिलने की उम्मीद है। रिपोर्ट मिलने के बाद वेबसाइट को पुनः शुरू कर दिया जाएगा और नागरिकों को पहले की तरह ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि साइबर अपराधियों ने डेटा तक पहुंच बनाई है तो उसका दुरुपयोग फर्जी वेबसाइट, फर्जी टेंडर, ऑनलाइन ठगी या अन्य साइबर अपराधों में किया जा सकता है। ऐसे में नागरिकों को किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या वेबसाइट से सावधान रहने की सलाह दी गई है।नगर निगम प्रशासन का कहना है कि डेटा सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और वेबसाइट को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के बाद ही आम लोगों के लिए खोला जाएगा। फिलहाल अधिकारी वेबसाइट की बहाली और डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटे हुए हैं।
"नगर निगम की वेबसाइट में आई तकनीकी समस्या की जांच के लिए विशेषज्ञ एजेंसी द्वारा सिक्योरिटी ऑडिट कराया जा रहा है। वेबसाइट की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऑडिट की अंतिम रिपोर्ट अगले दो दिनों में मिलने की उम्मीद है। रिपोर्ट प्राप्त होते ही सभी सुरक्षा मानकों का परीक्षण कर वेबसाइट को पुनः शुरू कर दिया जाएगा। हमारा प्रयास है कि नागरिकों को जल्द से जल्द ऑनलाइन सेवाएं पूर्ववत उपलब्ध कराई जाएं और उनका डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहे।"-नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय