
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ। अलीगंज में पिछले महीने भीषण अग्निकांड का केंद्र बनी चार मंजिला इमारत को शनिवार सुबह लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने ध्वस्त करना शुरू कर दिया। कार्रवाई के लिए तीन बुलडोजर, एक हाइड्रोलिक मशीन और 45 अधिकारियों-कर्मचारियों की टीम मौके पर तैनात रही। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर आसपास की सड़कों पर बैरिकेडिंग कर आवाजाही रोक दी गई और भारी पुलिस बल तैनात किया गया।यह वही इमारत है, जहां 22 जून को भीषण आग लगने से 15 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हो गए थे। हादसे के बाद हुई जांच में भवन में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण और रिहायशी भवन का व्यावसायिक उपयोग किए जाने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद एलडीए ने भवन स्वामी को नोटिस जारी कर निर्धारित समय के भीतर स्वयं निर्माण हटाने के निर्देश दिए थे।निर्धारित समय पूरा होने के बाद एलडीए ने अपने स्तर पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी। अधिकारियों के अनुसार भवन के विभिन्न हिस्सों में अनधिकृत निर्माण पाया गया था, जिसे पूरी तरह हटाया जा रहा है।कार्रवाई के दौरान भवन स्वामी के अधिवक्ता राजेंद्र शुक्ला भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि ध्वस्तीकरण के लिए अलग से आदेश उपलब्ध नहीं कराया गया और मामले में अभी कानूनी प्रक्रिया लंबित है। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई को अदालत में चुनौती दी जाएगीएलडीए अधिकारियों का कहना है कि अवैध निर्माण के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। यदि भवन स्वामी निर्धारित समय में निर्माण नहीं हटाते हैं तो प्राधिकरण स्वयं ध्वस्तीकरण कर उसकी लागत संबंधित पक्ष से वसूलेगा।अग्निकांड के बाद प्रशासन ने भवन सुरक्षा मानकों और अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए शहरभर में जांच अभियान भी जारी रहेगा।