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विश्व पर्यावरण दिवस पर आरोग्य वाटिका की स्थापना

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पारदर्शी विकास  कानपुर।  विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ग्रीन बेल्ट, विकास नगर में स्वच्छता अभियान चलाया गया तथा आरोग्य भारती कानपुर प्रांत, विज्ञान भारती कानपुर प्रांत, माँ भगवती मेमोरियल चैरिटेबल सोसाइटी एवं स्टेम इनफिनिटी लैब फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में "आरोग्य वाटिका" की स्थापना की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन एवं स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना रहा। इस अवसर पर आम, नींबू, नीम, अमरूद, पथरचट्टा सहित कुल 21 औषधीय, फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया। उपस्थित अतिथियों एवं स्वयंसेवकों ने पौधों के संरक्षण एवं नियमित देखभाल का संकल्प लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिवस का विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सतत जिम्मेदारी है। वृक्षारोपण एवं हरित क्षेत्रों के संरक्षण से स्वच्छ वातावरण, बेहतर स्वास्थ्य तथा आने वाली पीढ़ियों का सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है। इस दौरान "ग्रीन बेल्ट का करे सम्मान, न बनाये इसे कूड़ादान" तथा "ग्रीन कानपुर, क्लीन कानपुर" का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.एन. आचार्य, प्रो. सुनील मिश्र, कौस्तुभ ओमर, डॉ. अनुराधा सिंह, योगाचार्य डॉ. ओम प्रकाश आनंद, डॉ. हरीश दीक्षित, प्रो. शेखर आनंद वर्मा, डॉ. डी.के. यादव, डॉ. पुष्पा यादव, डॉ. ओ.पी. श्रीवास्तव, डॉ. वाई.पी. सिंह चौहान, रोशन वर्मा, सुशील, हिमानी श्रीवास्तव, बृजेश गुप्ता, विजय सिंह, नमिता कटियार, शुभम वर्मा, अलंकार श्रीवास्तव, नीलिमा सेंगर, आरती कटियार एवं रेखा वर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने आरोग्य वाटिका को पर्यावरण संरक्षण, औषधीय पौधों के संवर्धन तथा जनस्वास्थ्य जागरूकता का आदर्श केंद्र बनाने हेतु निरंतर प्रयास करने का संकल्प व्यक्त किया।

"पर्यावरण और स्वास्थ्य का सीधा संबंध है। मेरा मानना है कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना और उसका संरक्षण करना चाहिए। आरोग्य वाटिका जैसे प्रयास समाज को औषधीय पौधों के महत्व से जोड़ेंगे तथा स्वस्थ और स्वच्छ वातावरण के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।"-डॉ. बी.एन. आचार्य

 

 

"विश्व पर्यावरण दिवस केवल एक औपचारिकता नहीं बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी का स्मरण कराता है। विज्ञान और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं। यदि हम आज वृक्षारोपण और जैव विविधता संरक्षण के लिए गंभीर प्रयास करेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वच्छ पर्यावरण मिल सकेगा।"-प्रो. सुनील मिश्र

"समाज में पर्यावरण जागरूकता बढ़ाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। मुझे खुशी है कि विभिन्न संस्थाओं ने मिलकर आरोग्य वाटिका की स्थापना की है। यह पहल न केवल हरियाली बढ़ाएगी बल्कि लोगों को औषधीय पौधों, स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का माध्यम भी बनेगी।"-डॉ. अनुराधा सिंह

 

"योग हमें प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर जीवन जीने की प्रेरणा देता है। स्वच्छ वायु, शुद्ध जल और हरित वातावरण स्वस्थ जीवन की आधारशिला हैं। मैं सभी नागरिकों से अपील करता हूं कि वे वृक्षारोपण को जनआंदोलन बनाएं और पर्यावरण संरक्षण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।"-योगाचार्य डॉ. ओम प्रकाश आनंद

 

"पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं का विषय नहीं है, बल्कि इसमें समाज की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। पौधारोपण के साथ-साथ उनकी देखभाल भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। यदि हम सभी मिलकर हरित क्षेत्रों को संरक्षित करने का संकल्प लें, तो शहर का पर्यावरण और जनस्वास्थ्य दोनों बेहतर होंगे।"-डॉ. हरीश दीक्षित