
PARDARSHI VIKASH NEWS Vinesh Phogat को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली। अदालत ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिसमें उन्हें 30 मई से होने वाले एशियन गेम्स चयन ट्रायल में भाग लेने की अनुमति दी गई थी। भारतीय कुश्ती संघ (WFI) की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने साफ कहा कि फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा और विनेश ट्रायल में हिस्सा ले सकेंगी।सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के नजरिए पर सवाल उठाते हुए कहा कि मामला सिर्फ मातृत्व अवकाश का नहीं, बल्कि इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (ITA) के नियमों और डोपिंग टेस्ट से जुड़े प्रावधानों के पालन का भी है। कोर्ट ने कहा कि खेलों में अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन जरूरी है और सभी खिलाड़ियों पर समान नियम लागू होते हैं।विनेश फोगाट की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता माधवी दीवान ने दलील दी कि मातृत्व अवकाश के कारण किसी महिला खिलाड़ी को नुकसान नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ट्रायल में हिस्सा लेने से रोकना राष्ट्रीय शर्मिंदगी होगी। वहीं WFI ने आरोप लगाया कि विनेश लगातार नियमों का उल्लंघन कर रही हैं।दिल्ली हाईकोर्ट ने 22 मई को आदेश देते हुए विनेश को ट्रायल में शामिल होने की अनुमति दी थी। साथ ही ट्रायल की वीडियो रिकॉर्डिंग और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) व भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की निगरानी में प्रक्रिया कराने के निर्देश भी दिए थे। अब सुप्रीम कोर्ट में आगे सुनवाई होगी, लेकिन फिलहाल विनेश फोगाट के लिए एशियन गेम्स ट्रायल का रास्ता साफ हो गया है।