
PARDARSHI VIKASH NEWS वाराणसी में 2016 में चोरी हुई एक बाइक के आजमगढ़ में मिलने का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि यह बाइक एडीसीपी वरुणा जोन कार्यालय में तैनात एक पेशकार से जुड़े व्यक्ति के पास मिली, जिसने कथित तौर पर बाइक को अपने भाई को बेच दिया और उसके लिए फर्जी कागजात व एग्रीमेंट तैयार किए गए।मामले में नया मोड़ तब आया जब 2 मई 2026 को बाइक से जुड़े चालान का मैसेज असली मालिक के मोबाइल पर पहुंचा, जबकि वाहन करीब दस साल पहले चोरी हो चुका था। इसके बाद पीड़ित ने जांच शुरू की और बाइक का पता आजमगढ़ में लगाने का दावा किया, जहां वह एक व्यक्ति के पास पाई गई।पीड़ित का कहना है कि 2016 में सारनाथ क्षेत्र से बाइक चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, लेकिन बाद में मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई थी। हाल ही में मिले चालान के आधार पर जांच आगे बढ़ी और बाइक के आजमगढ़ में होने का पता चला।पीड़ित ने आरोप लगाया है कि यह बाइक पुलिस कार्यालय में तैनात पेशकार से जुड़ी है और उसने इसे अपने भाई को बेच दिया। इस संबंध में उन्होंने पुलिस आयुक्त को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई और बाइक वापस दिलाने की मांग की है।