
PARDARSHI VIKASH NEWS नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम मानसून अब देश के लगभग सभी राज्यों में पहुंच चुका है। केवल राजस्थान और गुजरात के कुछ हिस्सों में इसका पूरी तरह विस्तार होना बाकी है, लेकिन इससे पहले ही कई राज्यों में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर में तेज बारिश के कारण जलभराव, बाढ़ जैसे हालात और यातायात बाधित होने की घटनाएं सामने आई हैं। गुजरात के जूनागढ़ जिले के मेंडरडा क्षेत्र में समधियाला गांव के पास बाढ़ के पानी में चार वाहन फंस गए, जहां से 19 लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। महाराष्ट्र के भिवंडी और नवी मुंबई में कई बाजारों और सड़कों पर तीन फीट तक पानी भर गया, जिससे दुकानें बंद करनी पड़ीं और कई वाहन पानी में डूब गए। राजस्थान की राजधानी जयपुर में तेज बारिश के बाद सवाई मानसिंह अस्पताल के माइनर ऑपरेशन थिएटर में पानी भर गया, जिसके चलते मरीजों को दूसरे वार्ड में स्थानांतरित किया गया। मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत 26 से अधिक जिलों में तेज बारिश दर्ज की गई। उज्जैन में पुलिया पार करते समय एक युवक मोटरसाइकिल समेत बह गया, जबकि डिंडौरी में नदी पार करते समय एक कार तेज बहाव में बह गई। उत्तर प्रदेश के करीब 20 जिलों में बारिश हुई। कानपुर में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भारी जलभराव हो गया, जिससे कारें और बाइक आधी डूब गईं। मौसम विभाग के अनुसार कानपुर में 3 जुलाई को 108 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो पिछले 15 वर्षों का रिकॉर्ड है। जम्मू-कश्मीर में लगातार बारिश के कारण रामनगर-उधमपुर मार्ग पर भूस्खलन होने से सड़क बंद कर दी गई है। मौसम विभाग ने महाराष्ट्र के मुंबई, ठाणे, रायगढ़, पालघर, नासिक और पुणे के घाट क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट तथा मध्य प्रदेश के बड़वानी और खंडवा में रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं गुजरात के वेरावल बंदरगाह पर खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 5 जुलाई तक मानसून पूरे देश को कवर कर सकता है।