
पारदर्शी विकाश न्यूज़ लखनऊ। मोहनलालगंज में शादी के नाम पर किशोरियों को राजस्थान में बेचने वाले अंतरराज्यीय मानव तस्करी गिरोह का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह पिछले कई वर्षों से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की लड़कियों को निशाना बना रहा था। आरोपित किशोरियों की तस्वीरें और जानकारी वॉट्सएप के माध्यम से राजस्थान में सक्रिय गिरोह के सदस्यों को भेजते थे, जहां उनकी बोली लगाई जाती थी। पुलिस के अनुसार एक किशोरी का सौदा ढाई लाख रुपये से शुरू होता था और स्थानीय एजेंटों को प्रति सौदे पर एक से डेढ़ लाख रुपये तक कमीशन मिलता था।मामले का खुलासा तब हुआ जब मोहनलालगंज क्षेत्र की दो नाबालिग बहनों के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने तकनीकी जांच, सर्विलांस और 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद दोनों किशोरियों को सकुशल बरामद कर लिया। पूछताछ में पता चला कि उन्हें राजस्थान ले जाकर शादी के नाम पर बेचने की तैयारी की जा रही थी। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर मानव तस्करी के इस नेटवर्क का पर्दाफाश किया। हालांकि गिरोह की सरगना सोनम और भूपेंद्र चौधरी समेत चार आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस को अब तक 20 से अधिक किशोरियों की तस्करी के सुराग मिले हैं और पूरे नेटवर्क के अन्य राज्यों से जुड़े तारों की भी जांच की जा रही है।