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श्रद्धांजलि सभा में हुआ बौद्ध धम्म की शिक्षाओं पर संवाद

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समता, समानता, मैत्री भाव बौद्ध धम्म का मूल, दुनिया को बुद्ध की जरूरत

पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी/संग्रामपुर। गुरुवार को मंडौली में सामाजिक कार्यकर्ता निर्वाण प्राप्त रामकली उर्फ पार्वती का प्रथम परिनिर्वाण दिवस मनाया गया।परिनिर्वाण दिवस पर श्रद्धांजलि सभा, धम्म देशना और बौद्धाचार्यों का सम्मान एक साथ सम्पन्न हुआ। धम्मदेशना में संविधान निर्माता बोधिसत्व बाबा साहब डॉ अम्बेडकर और बौद्ध धम्म की शिक्षाओं पर विस्तार से संवाद हुआ। विश्व में समता, समानता, शांति और मानवता के लिए बुद्ध सरणं गच्छामि --के संदेश दिए गए। श्रद्धांजलि सभा में पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ संजय सिंह भी उपस्थित हुए और संजय कुमार राव की निर्वाण प्राप्त माता जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक त्रिसरण पंचशील, भगवान बुद्ध और बाबा साहब डॉ अम्बेडकर और निर्वाण प्राप्त रामकली बौद्ध के चित्र पर पुष्प अर्पित करने के साथ हुआ। बामसेफ के जिला संयोजक और वरिष्ठ पत्रकार संजीव भारती ने भगवान बुद्ध, बाबा साहब डॉ अम्बेडकर और बौद्ध धम्म की शिक्षाओं पर विस्तार से संवाद किया। उन्होंने कहा कि बौद्ध धम्म के पुनरुत्थान में बाबा साहब डॉ अम्बेडकर का महान योगदान है। बाबा साहब डॉ अम्बेडकर ने भारत को दुनिया का सबसे अच्छा संविधान और सबसे अच्छा धम्म बौद्ध धम्म दिया है। दुनिया में 58राष्ट्रों में बौद्ध धम्म के अनुयाई हैं।जिन देशों में बौद्ध धम्म राजधर्म है वे देश विज्ञान, तकनीकी और प्रगति के क्षेत्र में अन्य राष्ट्रों से काफी आगे हैं। बौद्ध धम्म समानता के सिद्धांत पर आधारित है। मैत्री भाव बौद्ध धम्म का मूल है। आज दुनिया आतंकवाद, हिंसा से कराह रही है। मानवता संकट में है। युद्ध से कभी भी किसी समस्या का हल नहीं हुआ। दुनिया को युद्ध की नहीं बुद्ध की जरूरत है। भीमसेन इंटर कालेज के पूर्व प्राचार्य डॉ शिव मिलन सरोज ने कहा कि माता पिता से बड़ा दुनिया में और कोई नहीं। जीवन मृत्यु प्रकृति के नियमों में शामिल हैं। व्यक्ति के अच्छे कार्य मृत्यु के बाद भी याद किए जाते हैं। भारतीय संविधान जीवन जीने का सशक्त माध्यम है,जिस दिन संविधान ठीक से लागू हो जाएगा,उस दिन देश की सारी बुराईयां अपने अपने आप समाप्त हो जाएंगी। डा सुनील दत्त ने बौद्ध धम्म के मूल सिद्धांतों पर चर्चा की और कहा कि पंचशील का आचरण करें, दुःखों से मुक्ति मिल जाएगी।श्रद्धांजलि सभा को पूर्व प्राचार्य नवल किशोर सिंह, वरिष्ठ शिक्षक इन्द्र पाल गौतम, वैरागी राम भारती, फूलचंद्र बौद्ध , राजेश अकेला , धर्मराज यादव आदि ने संबोधित किया।ग्राम प्रधान रुपम यादव, सावित्री बौद्ध ने महिलाओं को अंगवस्त्र के रूप में साड़ियां भेंटकर सम्मानित किया।बौद्धाचार्य तुलसी राम बौद्ध और विजय कुमार ने बौद्ध धम्म की परम्परा के अनुरूप संस्कार सम्पन्न कराया। कार्यक्रम का संचालन अम्बेडकर सेवा समिति के जिला अध्यक्ष बौद्धाचार्य संजय कुमार शास्त्री और राम चन्द्र ने किया।अभिमन्यु बौद्ध और उनके पुत्र शिव प्रताप इंटर कालेज के वरिष्ठ शिक्षक संजय कुमार राव ने सबसे पहले श्रद्धा सुमन अर्पित किए।सामाजिक कार्यकर्ता श्याम लाल त्यागी, वरिष्ठ बौद्धाचार्य वैरागी राम भारती, बौद्धाचार्य मनोज कुमार, भीमसेन, रायबरेली से आए सरोज अनिल कुमार, बामसेफ के संयोजक फूल चंद्र बौद्ध, इन्द्र पाल गौतम, सुरेन्द्र कुमार,धर्मेंद्र कुमार,राम बली गौतम,राम फल फौजी,छेदी लाल पासवान,राम प्रसाद, ललित कुमार पत्रकार, रामदेव,जगईराम, बुद्धि राम , रमेश कुमार,राम शिरोमणि, सुरेश कुमार राव, राम अवध आदि ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।