
बसपा ही मुस्लिम समाज की सच्ची हितैषी -सर्वेन्द्र अम्बेडकर
पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी। बहुजन समाज पार्टी से मुस्लिमों को जोड़ने के लिए सामाजिक भाईचारा बनाओ कमेटी ने जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है। मंडल संयोजक मो असद खान ने रविवार को मुख्य मंडल प्रभारी सर्वेन्द्र अम्बेडकर के साथ अमेठी जिले का दौरा किया और भाईचारा कमेटी के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की।लोनियापुर में हुई बैठक में बहुजन समाज पार्टी की नीतियों और उपलब्धियों के साथ सुश्री मायावती के चार बार के मुख्यमंत्रित्व काल में मुस्लिम समाज के हित में हुए कार्यों पर विस्तार से संवाद हुआ।मो असद खान ने कहा कि आजादी के बाद मुस्लिम समाज अपनी सुरक्षा और साम्प्रदायिक ताकतों की डर से राजनीतिक दलों के पीछे भागता रहा , दोस्त और दुश्मन की पहचान करके एक जुट होकर राजनीतिक फैसले नहीं लिए इस लिए मुस्लिम समाज आज शासन, प्रशासन और नौकरियों में हाशिए पर चला गया। आजादी के पहले 18फीसदी आजादी वाला मुस्लिम समाज सरकारी नौकरियों में 36फीसदी था।आज सरकारी नौकरियों में मुस्लिम समाज की भागीदारी आधी प्रतिशत हो गई है।लम्बे समय तक मुस्लिम समाज कांग्रेस का वोट बैंक बना रहा। कांग्रेस के शासन काल में मुस्लिम समाज शिक्षा, रोजगार और सरकारी नौकरियों में लगातार नुकसान उठाता रहा है।देश में संविधान निर्माता बोधिसत्व बाबा साहब डॉ अम्बेडकर के संविधान की बदौलत ही मुस्लिम समाज का मान सम्मान सुरक्षित है।बसपा ही एक मात्र राष्ट्रीय पार्टी है जो भारतीय संविधान को ठीक ढंग से लागू कर सकती है।1984मे बहुजन समाज पार्टी बनने के बाद मान्यवर कांशीराम साहब और बहन मायावती जी ने मुस्लिम समाज को राजनीतिक भागीदारी देने के साथ शासन प्रशासन में आबादी के अनुसार आगे बढ़ाने का काम किया है परंतु मुस्लिम समाज ने कभी समझदारी से फैसला नहीं किया, हमेशा जज़्बात में निर्णय लिए।बहुजन समाज पार्टी सर्वसमाज के साथ मुस्लिम समाज की सच्ची हितैषी है। भाजपा के समर्थन से सरकार चलाने के बावजूद बहन मायावती जी ने मुस्लिम समाज के हितों के विपरीत कोई काम नहीं किया।मुख्य मंडल प्रभारी सर्वेन्द्र अम्बेडकर ने बसपा के पुराने नारे -दलित मुसलमां करो विचार -कब तक सहोगे अत्याचार।की याद दिलाई और कहा कि बहन मायावती जी ने मुस्लिम समाज के उत्थान ने ऐतिहासिक काम किए हैं। आबादी से अधिक टिकट दिए। सुश्री मायावती के मुख्यमंत्रित्व काल में मुख्यमंत्री के बाद दूसरे नंबर की हैसियत नसीमुद्दीन सिद्दीकी की थी। उनके पास प्रदेश सरकार के 14विभाग थे। कांग्रेस , सपा और अन्य दलों ने कभी किसी मुस्लिम लीडर को कभी भी 14विभागों का कैबिनेट मिनिस्टर नहीं बनाया।सामाजिक भाईचारा कमेटी के संयोजक मकबूल अहमद ने अतिथि वक्ताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं का स्वागत सम्मान किया।बैठक में पूर्व सेक्टर अध्यक्ष शिव बालक कोरी को मकबूल अहमद के साथ संगठन के काम के लिए संयोजक बनाया गया है। बैठक में बामसेफ के जिला संयोजक संजीव भारती, विधानसभा संयोजक फूल चंद्र बौद्ध, विधानसभा अध्यक्ष लक्ष्मण प्रसाद ने भी मुस्लिम समाज के लोगों से बसपा को मजबूत करने की अपील की। संचालन विधानसभा प्रभारी शमशेर बौद्ध ने किया। पूर्व जिला प्रभारी संजय कुमार,विधानसभा प्रभारी राम अभिलाष बौद्ध, उपाध्यक्ष कमलेश कुमार, महासचिव श्याम कुमार, बामसेफ के ललित कुमार,राम समुझ बौद्ध, मुस्ताक खान,,हजरतदीन,मो कासिम ,मो नुरुल हक,मो सुफियान, फिरोज खान, एडवोकेट सोनू आदि मौजूद रहे।
बैठक में चर्चा के मुख्य बिंदु
- 1-बसपा ने हर लोकसभा और विधानसभा चुनाव में मुस्लिम समाज को आबादी से अधिक टिकट दिए
- 2-बसपा की पहली सरकार ने बहन मायावती ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग स्थापित किया और सभी मुस्लिम बच्चों के लिए छात्रवृत्ति योजना लागू की
- 3-मुस्लिम समाज की शिक्षा के लिए अरबी फारसी बोर्ड की स्थापना की
- 4-100मदरसों को वित्त पोषित किया
- 5-उर्दू अनुवादकों की भर्ती की
- 6-बसपा के शासन काल में एक भी साम्प्रदायिक दंगा नहीं हुआ
- 7-मुस्लिम समाज की भलाई के लिए नसीमुद्दीन सिद्दीकी को पूरी पावर दी और उन्हें 14विभागों का कैबिनेट मिनिस्टर बनाया।
एक अच्छा इंसान और नेक इंसान बनने के लिए दीनी तालीम और दुनियावी तालीम दोनों जरुरी है।बहन मायावती जी ने अपने मुख्यमंत्रित्व काल में इस पर विशेष ध्यान दिया है।2027में मुस्लिम समाज बसपा के साथ एकजुट हो जाय, साम्प्रदायिक ताकतें अपने आप परास्त हो जाएंगी ।-मो असद खान