
Pardarshi Vikas News Amethi
समाजवादी पार्टी शिक्षक सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ रुदल यादव ने नारी शक्ति वंदन विधेयक को भारतीय जनता पार्टी के साम्राज्यवादी जीवन दर्शन की अभिव्यक्ति बताया है और कहा है कि इससे केवल सामान्य वर्ग की महिलाओं को लाभ होगा।जब तक पिछड़े वर्ग की महिलाओं को संविधान सम्मत 27फीसदी आरक्षण की विधिक व्यवस्था नहीं होती पिछड़े वर्ग की महिलाओं की सत्ता में भागीदारी नहीं हो सकती।कोटे में कोटा का प्रावधान होना चाहिए। भाजपा सरकार ने नारी वंदन विधेयक पारित कर देश की संसद और राज्य विधान सभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देकर भारतीय राजनीति में एक नए राज विमर्श का आगाज किया है। जनमानस में यह आम धारणा है कि भाजपा सवर्ण समाज द्वारा संरक्षित और पूंजीपतियों द्वारा पोषित एक ऐसी राजनैतिक पार्टी है जो सदैव परोक्ष रूप से यथास्थितिवादी सांस्कृतिक साम्राज्य वाद के विस्तार की पक्षधर रही है। सदियों से शोषित, पीड़ित उपेक्षित बहुसंख्यक आबादी को उसके संवैधानिक अधिकारों से वंचित कर सामाजिक आर्थिक और राजनैतिक समानता से महरूम करने का प्रयास करती रही है। वर्तमान महिला आरक्षण विधेयक में देश की संसद और राज्य विधान सभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए सुरक्षित किया गया है जिसमे विकास की धारा से कोसों दूर खड़ी पिछड़े वर्ग की महिलाओं को संविधान सम्मत 27 प्रतिशत आरक्षण की कोई विधिक व्यवस्था नही है जो भाजपा की पिछड़ा विरोधी मानसिकता है। मोदी सरकार ने महिला आरक्षण विधेयक में पिछड़े वर्ग की महिलाओं को सत्ता में सम्मानजनक साझेदारी के लिए महिला आरक्षण के कोटे में कोटा का प्रावधान ना कर ओबीसी महिलाओं के साथ अन्याय किया है जो नैसर्गिक न्याय और संविधान की मंशा के विरुद्ध है। बहुजन समाज पार्टी के मंडल प्रभारी सर्वेन्द्र अम्बेडकर ने कहा कि महिला आरक्षण के मामले में हमारी नेता बहन मायावती जी का बयान आ चुका है।बहन मायावती जी ने महिला आरक्षण को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया का स्वागत करते हुए सरकार को सलाह भी दी है। तैंतीस फीसदी महिला आरक्षण में एस सी/ओबीसी की महिलाओं को आबादी के आधार पर अलग से आरक्षण का प्रावधान होना चाहिए। सरकार यदि इस बारे में निर्णय लेती है तो इससे महिला सशक्तिकरण और मजबूत होगा।एस सी/ओबीसी महिलाओं में भी लीडरशिप बढ़ेगी और वे संसद और विधानसभाओं में पहुंच कर अपने समाज की भलाई के लिए काम करने में सक्षम होंगी। बहुजन समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष सुरेश कमल ने कहा कि महिला आरक्षण पर राजनीति करने के बजाय सरकार को फैसले को यथाशीघ्र लागू करने के लिए मजबूत कदम उठाने चाहिए।