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सफाई व्यवस्था पर सियासी संग्राम: पार्षदों का धरना, कूड़ा कलेक्शन फर्म पर उठे सवाल

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PARDARSHI VIKASH NEWS अयोध्या में नगर निगम की सफाई व्यवस्था को लेकर विवाद गहरा गया है। एक ओर नगर निगम और महापौर गिरीश पति त्रिपाठी शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई पार्षदों ने सफाई व्यवस्था में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। अशोक सिंघल नगर वार्ड के पार्षद अंकित त्रिपाठी के नेतृत्व में कई पार्षद नगर निगम के जोनल कार्यालय पर धरने पर बैठ गए और नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का कार्य देख रही फर्म को ब्लैकलिस्ट करने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। पार्षदों का आरोप है कि शहर की सफाई व्यवस्था लगातार खराब होती जा रही है और जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। उनका कहना है कि नयाघाट से सहादतगंज तक करीब 15 किलोमीटर लंबे रामपथ की सफाई दिखाकर 28 किलोमीटर का भुगतान लिया जा रहा है, जो सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला हो सकता है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।धरने पर बैठे पार्षदों ने स्वच्छ भारत मिशन के मानकों की अनदेखी का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि नियमों के अनुसार प्रत्येक 700 मीटर पर एक सफाई कर्मचारी की तैनाती होनी चाहिए, लेकिन रामपथ पर निर्धारित संख्या में कर्मचारी नहीं दिखाई देते। इसके अलावा शहर में कई डस्टबिन और कूड़ा संग्रहण ठेले क्षतिग्रस्त पड़े हैं, जबकि सफाई कार्य में उपयोग होने वाली स्वीपिंग मशीनें लंबे समय से बंद हैं। पार्षदों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर शिकायतों की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो नगर निगम मुख्यालय पर तालाबंदी कर व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। वहीं अपर नगर आयुक्त भरत भार्गव ने कहा कि पार्षदों की शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है और मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सफाई व्यवस्था को लेकर नगर निगम प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बढ़ा यह विवाद अब शहर में चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है।