
PARDARSHI VIKASH NEWS प्रयागराज। प्रयागराज मंडल में राजस्व शिकायतों के निस्तारण में बड़ी लापरवाही सामने आई है। शासन की समीक्षा में पता चला है कि मंडल के चारों जिलों में कुल 92,072 शिकायतों का बिना संतोषजनक समाधान किए ही निस्तारण दिखा दिया गया। अब मुख्यमंत्री की मंशा के अनुसार इन सभी मामलों को दोबारा खोलकर गुणवत्तापूर्ण जांच और समाधान कराने के निर्देश दिए गए हैं।मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी तरह की मनमानी स्वीकार नहीं की जाएगी और प्रत्येक मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।इस विशेष अभियान में शासन पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक की मदद लेगा। इसके जरिए अधिकारियों द्वारा पोर्टल पर अपलोड की गई रिपोर्टों की वास्तविकता और गुणवत्ता की जांच की जाएगी। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा गलत, भ्रामक या तथ्यों से अलग रिपोर्ट प्रस्तुत की गई तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।दोबारा जांच के लिए खोले गए मामलों में सबसे ज्यादा शिकायतें प्रयागराज जिले की हैं। आंकड़ों के अनुसार प्रयागराज में 49,175, प्रतापगढ़ में 19,751, फतेहपुर में 11,820 और कौशाम्बी में 11,326 मामले शामिल हैं। इन सभी प्रकरणों की पहले किए गए निस्तारण की समीक्षा कर वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।समीक्षा बैठक के दौरान प्रतापगढ़ जिले में धारा-34 (नामांतरण) से जुड़े लंबित मामलों की अद्यतन रिपोर्ट समय पर उपलब्ध न कराने पर मंडलायुक्त नाराज हुईं। उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए प्रतापगढ़ के अपर जिलाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है।मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तहसीलवार और न्यायालयवार लंबित वादों की पूरी रिपोर्ट तैयार कर जल्द प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व मामलों में पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण शासन की प्राथमिकता है।