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पालि भाषा में तैयार किया गया विश्व बौद्ध संघ का कैलेंडर

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पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी।  जिले के आम्बेडकरवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं और बौद्ध धम्म के अनुयायियों ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्ति विश्व विद्यालय के कुलपति, संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र भेजकर बी ए-आनर्स पालि और एम ए पालि पाठ्यक्रम शुरू करने की मांग की है। रविवार को सिरमौर बुद्ध विहार सोइया में आयोजित पालि महोत्सव और बौद्ध सम्मेलन में इस सम्बन्ध में प्रस्ताव भी पारित किया गया है।पालि महोत्सव और बौद्ध सम्मेलन में बौद्ध भिक्षु भंते धम्म ज्योति, भंते बुद्ध वंश और भंते बुद्ध वंश की उपस्थिति में पालि भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग की गई।साथ ही इग्नू से दूरस्थ शिक्षा के पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए पत्र भी लिखे गए।दूसरे प्रस्ताव में महाबोधि विहार बोधगया के पुराने प्रबंधन एक्ट को निरस्त करते हुए महाबोधि विहार  को बौद्धों के स्वामित्व में देने की मांग की गई। तीसरे प्रस्ताव में सिरमौर बुद्ध विहार को जनपद अमेठी के पर्यटन स्थलों की सूची में शामिल करने की मांग की गई।सम्मेलन का संचालन करते हुए अम्बेडकर सेवा समिति के अध्यक्ष संजय कुमार शास्त्री ने कहा कि पालि भाषा बुद्ध वाणी और अंतरराष्ट्रीय भाषा होने के बाद भी भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल न किया जाना गंभीर चिंता की बात है। वरिष्ठ सामाजिक चिंतक संजीव भारती ने कहा कि विश्व बौद्ध संघ की ओर से लगातार प्रयास के बाद तीन अक्टूबर 2024को भारत सरकार ने पालि भाषा को शास्त्रीय भाषा के रूप में प्रतिष्ठापित किया है। भारत में पालि सीखने के इच्छुक लोगों की संख्या लाखों में है,फिर भी इसे सीखने और पढ़ने के लिए विश्वविद्यालयों में पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। राज्य महिला आयोग की पूर्व सदस्य शकुंतला भारती ने बताया कि पालि भाषा बुद्ध वाणी है। मैंने पालि भाषा में हाईस्कूल की परीक्षा पिछले वर्ष 82फीसदी रिजल्ट के साथ उत्तीर्ण की है,जब से मैंने बौद्ध साहित्य का अध्ययन शुरू किया है मुझे आत्मिक शांति मिल रही है।बुद्धि राम गौतम, रामशंकर, ओम प्रकाश यादव, पूर्णेन्दु कुमार, मोती लाल,राम प्रसाद,डा वीरेंद्र राव, किशुन पाल,अभयराज सरोज, सुनील कुमार, राधेश्याम, हरीराम कोरी,राम प्रताप बौद्ध, नन्हे लाल, आशीष कुमार, सुभाष चन्द्र,राम चन्द्र, संजय कुमार बौद्ध,तेज बहादुर, दशरथ यादव,राम सजीवन, अशोक भारती, गुलशन, प्रदीप कुमार, प्रमोद कुमार एडवोकेट, कुल रोशन एडवोकेट, त्रिभुवन दत्त,  ललित कुमार , अमृत लाल आदि ने इग्नू के कुलपति को पत्र भेजा है।बृज लाल बौद्ध, राजेन्द्र मौर्य, लालजी विश्वकर्मा,राम मिलन शर्मा, उदयराज, हौसिला प्रसाद बौद्धाचार्य, वैरागी राम बौद्धाचार्य, डॉ प्रेम सागर बौद्ध आदि ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से संसद का विशेष सत्र बुलाकर पालि भाषा को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग की है।

 

भगवान बुद्ध के शांति, बन्धुत्व, अहिंसा और मैत्री के कारण अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पालि तथा बुद्ध धम्म के पाठ्यक्रमों की बहुत अधिक मांग है। केंद्र सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।-इंजीनियर वी पी सिंह  इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय को जन जन का विश्व विद्यालय होने का गौरव प्राप्त है। पालि भाषा और बुद्ध वाणी के प्रति लोगों में आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने पालि भाषा को शास्त्रीय भाषा का दर्जा प्रदान कर  दिया है। इसे संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग भी जल्दी पूरी होनी चाहिए।पूरी दुनिया तथागत के संदेशों को अपनाना चाहती है। - राम चन्द्र बौद्ध