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मत्स्य संपदा योजना से नीलम प्रजापति हुईं आत्मनिर्भर

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पारदर्शी विकास न्यूज़ हमीरपुर। जनपद हमीरपुर के ग्राम गुड़ा की निवासी कु. नीलम प्रजापति ने अपनी मेहनत, लगन एवं Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana के सहयोग से स्वरोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। सीमित संसाधनों और आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने आधुनिक तकनीक आधारित मत्स्य पालन अपनाकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है।स्नातक शिक्षित कु. नीलम प्रजापति ने मत्स्य विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत मध्यम आकार की आरएएस (री-सर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम) परियोजना हेतु आवेदन किया। विभागीय मार्गदर्शन एवं तकनीकी सहयोग से उन्होंने अपनी निजी भूमि पर आधुनिक मत्स्य पालन इकाई स्थापित की।परियोजना की कुल लागत लगभग 25 लाख रुपये रही, जिसमें केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा कुल 15 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया गया। इस आधुनिक इकाई में पंगेशियस प्रजाति की मछलियों का पालन किया जा रहा है। वर्तमान में उत्पादन क्षमता लगभग 9990 किलोग्राम है, जिससे उन्हें प्रतिवर्ष करीब 5 लाख रुपये की आय प्राप्त हो रही है। साथ ही इस परियोजना से 4 लोगों को रोजगार भी मिला है।नीलम प्रजापति ने आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त कर वैज्ञानिक पद्धति से अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाया। उनकी सफलता से प्रेरित होकर क्षेत्र के अन्य युवा एवं महिलाएं भी मत्स्य पालन की ओर आकर्षित हो रहे हैं।कु. नीलम प्रजापति की सफलता यह दर्शाती है कि सरकारी योजनाओं का सही उपयोग, तकनीकी मार्गदर्शन और दृढ़ संकल्प के माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकती हैं। उनकी उपलब्धि जनपद में महिला सशक्तिकरण एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में प्रेरणादायी उदाहरण बनकर उभरी है।