
300 रुपये दिहाड़ी में 12 घंटे काम, वेतन बढ़ाने की मांग
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। मंधना स्थित एक मसाला फैक्ट्री में काम करने वाली महिला वर्करों ने वेतन और कार्य स्थितियों को लेकर कानपुर-दिल्ली हाईवे पर प्रदर्शन किया। करीब 500 महिला वर्करों ने आरोप लगाया कि उन्हें कम वेतन, लंबे कार्य घंटे और सीमित छुट्टियों में काम कराया जा रहा है। वर्करों का कहना है कि उन्हें प्रतिदिन लगभग 300 रुपये दिहाड़ी मिलती है, जबकि 12-12 घंटे तक कार्य कराया जाता है। ओवरटाइम के नाम पर केवल 50 रुपये प्रति घंटा दिए जाने का आरोप है। महिलाओं ने बताया कि किराया, बच्चों की पढ़ाई और घरेलू खर्चों के बाद वे आर्थिक संकट का सामना कर रही हैं, इसलिए वेतन बढ़ाने की मांग की गई है।कई वर्करों ने बताया कि उन्हें सप्ताह के सातों दिन काम करना पड़ता है और केवल त्योहारों पर ही छुट्टी मिलती है। समय पर न पहुंचने या विरोध करने पर नौकरी से निकालने की धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं।प्रदर्शन के दौरान फैक्ट्री परिसर और हाईवे पर हंगामे की स्थिति बन गई, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने वर्करों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया और उन्हें समझाकर वापस काम पर भेजा।प्रशासनिक अधिकारियों ने कंपनी प्रबंधन और श्रम विभाग के साथ बैठक कर श्रम कानूनों के पालन के निर्देश दिए हैं। बातचीत के बाद वेतन, ओवरटाइम और अन्य मांगों पर सहमति बनने की बात सामने आई है।फैक्ट्री में काम करने वाली अधिकांश महिलाएं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आती हैं। प्रदर्शन के बाद श्रमिकों ने आश्वासन मिलने पर काम पर वापसी की, हालांकि वे भविष्य में उचित वेतन और बेहतर कार्य परिस्थितियों की मांग पर अडिग हैं।
किन पॉइन्ट पर हुआ समझौता
बवाल होने के बाद करीब 200 की संख्या में पुलिस बल समेत DCP और तीन थानों की फोर्स पहुंच गई। वर्कर्स से बातचीत के लिए कानपुर नगर के एसडीएम सदर, श्रम प्रवर्तन अधिकारी पवन कुमार, हेमंत कुमार, सहायक श्रमायुक्त रामलखन पटेल और अपर श्रमायुक्त जुनेद अहमद ने कंपनी और वर्कर्स के बीच दोनों पक्षों में समझौता किया गया। कंपनी संचालक को हिदायत देते हुए, शासना देश के अनुसार काम करने के निर्देश दिए।