मुख्यमंत्री योगी ने किया तटबंध कटान स्थल का निरीक्षण
पारदर्शी विकास न्यूज़ कुशीनगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कुशीनगर में नारायणी नदी के तटबंध कटान से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने पहले हवाई सर्वेक्षण किया, फिर जवही दयाल स्थित पंचायत भवन और राहत शिविर पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश, देश के अन्य हिस्सों और नेपाल में भारी बारिश के कारण नारायणी नदी का जलप्रवाह सामान्य 3 से 4 लाख क्यूसेक से बढ़कर करीब 5.5 लाख क्यूसेक पहुंच गया। इसके दबाव से तटबंध क्षतिग्रस्त हुए और कई गांवों में जलभराव हुआ। राहत एवं बचाव के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की दो-दो टीमें तथा पीएसी की फ्लड यूनिट तैनात की गई हैं। प्रभावित परिवारों के लिए 5,000 सूखा राशन किट उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने राहत शिविरों में भोजन, शुद्ध पेयजल और 24 घंटे बिजली की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा में जनहानि होने पर पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आवास योजना से पक्का मकान मिलेगा। आंशिक क्षति पर भी नियमानुसार सहायता दी जाएगी।मुख्यमंत्री ने फसल नुकसान का 15 दिन में पारदर्शी सर्वे कराने और किसानों को राहत राशि देने के निर्देश दिए। जलभराव घटने के बाद अगले पांच से छह दिनों तक स्वास्थ्य शिविर लगाने तथा अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम और एंटी रेबीज वैक्सीन उपलब्ध रखने को कहा।उन्होंने सिंचाई विभाग को तटबंधों की तत्काल मरम्मत और नारायणी नदी की ड्रेजिंग व चैनलाइजेशन की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान सिंचाई मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, सांसद, विधायक और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
नारायणी की ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन की बनेगी योजना
मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग को क्षतिग्रस्त तटबंधों की तत्काल मरम्मत के साथ उनके स्थायी और आधुनिक तकनीक से सुदृढ़ीकरण के निर्देश दिए। नारायणी नदी के दीर्घकालिक समाधान के लिए जल शक्ति मंत्री और प्रमुख सचिव सिंचाई को नदी की व्यापक ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन की कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। इसका उद्देश्य नदी की गहराई बढ़ाना, जलप्रवाह को सुचारु करना और निकाली गई गाद के समुचित उपयोग की व्यवस्था करना है।मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम साफ होने के साथ स्थिति तेजी से सामान्य होगी और शासन-प्रशासन का पूरा तंत्र प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने के लिए जमीन पर सक्रिय रहेगा।बताया गया कि तटबंध कटान की जानकारी मुख्यमंत्री को सोमवार रात ही मिल गई थी। इसके बाद उन्होंने मंडलायुक्त, एडीजी समेत अन्य अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।इस दौरान सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, क्षेत्रीय सांसद शशांक मणि त्रिपाठी, सांसद विजय कुमार दुबे, विधायक डॉ. असीम कुमार राय, विधायक सुरेंद्र सिंह कुशवाहा, विधायक पी.एन. पाठक, भाजपा जिलाध्यक्ष दुर्गेश राय, राजेश्वर सिंह, प्रमुख सचिव सिंचाई, गोरखपुर मंडल के आयुक्त इंद्र विक्रम सिंह, एडीजी रामकुमार, जिलाधिकारी संजय चौहान, पुलिस अधीक्षक सहित जनपद स्तरीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।