
PARDARSHI VIKASH NEWS प्रयागराज। मोहर्रम के मौके पर शहर में गम-ए-हुसैन मनाने का सिलसिला जारी है। मोहर्रम की नौवीं तारीख पर गुरुवार को प्रयागराज में मासूम अली असगर का झूला और बुड्ढा ताजिया अकीदत और शानो-शौकत के साथ निकाला जाएगा। देर रात झूला अपने पारंपरिक रास्तों पर गश्त करेगा, वहीं बुड्ढा ताजिया भी इमामबाड़े से उठाकर गश्त के लिए ले जाया जाएगा।ताजिया जुलूस को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। पुलिस और आरएएफ के जवान तैनात रहेंगे, जबकि ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की जाएगी। इस बार बड़ा ताजिया नहीं निकाला जाएगा, उसे इमामबाड़े में जियारत के लिए रखा जाएगा।नौवीं मोहर्रम पर शहर के इमामबाड़ों में देर रात तक मजलिस, मातम और नौहाख्वानी का दौर चलता रहा। शिया समुदाय के लोगों ने फातेहा, लंगर और धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।सब्जी मंडी से नम्मू नियाजी की मेहंदी भी अकीदत के साथ निकाली गई। सैकड़ों लोगों ने मेहंदी को कंधा दिया और कदीमी रास्तों पर गश्त कराई।चक जीरो रोड स्थित इमामबाड़ा डिप्टी जाहिद हुसैन में मजलिस का आयोजन हुआ। मौलाना सैयद जमीर हैदर रिजवी ने कर्बला के शहीदों की कुर्बानी का जिक्र किया। इसके बाद दुलदल और परचम-ए-अब्बास की जियारत कराई गई, जिसमें बड़ी संख्या में जायरीन शामिल हुए।