
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ। विधानसभा के सामने मंगलवार को समाजवादी पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने विधानसभा का घेराव करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद महिलाएं सड़क पर बैठ गईं और जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी।प्रदर्शनकारी महिलाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ नारे लगाए। उनके हाथों में पोस्टर थे, जिन पर “महिलाओं का मंगलसूत्र छीनने वाली सरकार नहीं चाहिए” जैसे नारे लिखे हुए थे।स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारी महिलाएं चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के सामने सड़क पर लेट गईं और लगातार नारेबाजी करती रहीं। पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं मानीं। इस दौरान पुलिस और महिलाओं के बीच काफी देर तक तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई।पुलिस ने हालात बिगड़ते देख कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारी महिलाओं को हिरासत में ले लिया। उन्हें ईको गार्डन ले जाया गया। इस दौरान कुछ महिला कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ मारपीट की और पेट में लात मारी।प्रदर्शन कर रही महिला सभा की प्रदेश सचिव संजना पटेल ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां महिलाओं के खिलाफ हैं और सोना खरीदने या मंगलसूत्र पहनने जैसे बयानों से महिलाओं की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि यह सीधे तौर पर महिलाओं के अधिकारों पर हमला है।वहीं एक अन्य कार्यकर्ता रंजना यादव ने भी पुलिस पर अभद्र व्यवहार और कपड़े फाड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा लगातार खतरे में है और सरकार इस पर गंभीर नहीं है।प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सरकार अपने बयानों को वापस ले और महिलाओं को पूर्ण सम्मान व अधिकार सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि महिलाएं न तो डरेंगी और न ही अपने अधिकारों से समझौता करेंगी।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है और सभी प्रदर्शनकारी महिलाओं को एहतियातन हिरासत में लिया गया है। फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था सामान्य है।
सड़क पर लेटीं महिलाएं
बापू भवन की तरफ से महिलाएं दौड़ते हुए विधानसभा पर पहुंचीं। कार्यकर्ताओं के पीछे पीछे पुलिस दौड़ रही थीं। प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश किया तो सड़क पर लेट गईं। इस दौरान पुलिस और महिलाओं के बीच में काफी देर तक नोकझोंक हुई। काफी संघर्ष के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया और कार्यकर्ताओं को वहां से घसीटते हुए टांगकर उठा ले गई।