
आयुष चिकित्सकों को किया गया संवेदनशील
PARDARSHI VIKASH NEWS ललितपुर। जिले में टीबी उन्मूलन के उद्देश्य से चलाए जा रहे 100 दिवसीय विशेष टीबी खोज अभियान के द्वितीय चरण के अंतर्गत शुक्रवार को कार्यालय सभागार में आयुष चिकित्सकों की टीबी संवेदीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला एचएलएफपीपीटी संस्था लखनऊ के सहयोग से संपन्न हुई। सीएमओ के निर्देशन में आयोजित किया गया, जिसमें जिला क्षयरोग अधिकारी डा.आर.एन. सोनी ने उपस्थित आयुष चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को टीबी रोग की पहचान, जांच एवं उपचार संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी। डा.सोनी ने बताया कि 24 मार्च 2026 से जिले में 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान का द्वितीय चरण संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत उच्च जोखिम वाली आबादी की विशेष स्क्रीनिंग की जा रही है। इसमें 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, कुपोषित लोग, टीबी मरीजों के संपर्क में रहने वाले लोग, डायबिटीज एवं एचआईवी से ग्रसित मरीज तथा धूम्रपान और शराब सेवन करने वाले लोगों को प्राथमिकता से शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि स्क्रीनिंग के बाद जरूरतमंद मरीजों के लिए एक्स-रे जांच एवं उपचार की समुचित व्यवस्था भी की गई है। कार्यशाला में टीबी के प्रमुख लक्षणों की जानकारी देते हुए बताया गया कि दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी रहना, लगातार वजन कम होना, बुखार, सीने में दर्द, शरीर में गांठ होना, रात में अत्यधिक पसीना आना, थकान महसूस होना, बलगम में खून आना तथा लगातार बलगम वाली खांसी टीबी के संभावित संकेत हो सकते हैं। डा.आर.एन. सोनी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केन्द्र में जांच कराएं। उन्होंने बताया कि जनपद के सभी सरकारी चिकित्सालयों में टीबी की जांच एवं उपचार पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध है। कार्यशाला में आयुष चिकित्सकों से भी अपील की गई कि यदि किसी मरीज में टीबी के लक्षण दिखाई दें तो बिना देरी किए उसे सरकारी स्वास्थ्य केन्द्र पर जांच के लिए रेफर करें, ताकि समय रहते उपचार शुरू किया जा सके और टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को सफल बनाया जा सके।