
बालीपुर डुडिया में जबरन हो रहा निर्माण, लेखपाल पर ग्राम समाज की जमीनों पर अवैध कब्जे का आरोप
PARDARSHI VIKASH NEWS अमेठी। सम्पत्ति बनाने और बड़ा आदमी बनने के चक्कर में तहसील के एक लेखपाल ने रिश्तों को तार तार कर दिया है। चचेरे भाई की पत्नी सडक दुर्घटना की शिकार होने से जीवन -मौत से जूझ रही है और लेखपाल भाई के हिस्से की जमीन पर दबंगई से निर्माण कर रहा है। लेखपाल के पद का दुरूपयोग करके आबादी से लगी हुई चारागाह और इमारती लकड़ी के जंगल खाते की जमीनों पर अवैध कब्जे की उसकी कोशिश पर तहसील प्रशासन मौन है। पीड़ित चंद्र भूषण तिवारी पिछले चार दिन से न्याय के लिए इधर उधर दौड़ रहा है। लेखपाल रात में भी निर्माण कार्य जारी किए हुए है।बालीपुर डुडिया के चंद्रभूषण तिवारी की पत्नी का एक जून को टीकरमाफी चौकी के पास एक्सीडेंट हो गया है। दुर्घटना में उसके मुंह पर गंभीर चोटे आई है। संजय गांधी अस्पताल मुंशीगंज में आपरेशन के दौरान उसके मुंह में बड़ी संख्या में टांके लगे हैं, महिला बोल नहीं पा रही है। गंभीर स्थिति में उसका इलाज चल रहा है। चंद्र भूषण तिवारी की विपरीत परिस्थितियों में मदद के बजाय उसके चचेरे भाई विकास तिवारी ने चंद्रभूषण तिवारी और परिवार के अन्य लोगों के कब्जे की आबादी की जमीनों पर कब्जे की योजना बना डाली और रातों रात निर्माण शुरू कर दिया।जबरन कब्जे की योजना में उसने क्षेत्रीय लेखपाल बालकृष्ण तिवारी को भी शामिल किया और उसे मोटी रकम देकर शिकायत होने पर मामले को टालने की जिम्मेदारी दी। 11जून को चंद्रभूषण तिवारी ने एस डी एम से शिकायत की।एस डी एम के निर्देश पर तहसीलदार ने एक संयुक्त टीम बनाई। संयुक्त टीम मौके पर गई और आधे घंटे में ही पैमाइश की खानापूरी करते हुए लेखपाल विकास तिवारी के पक्ष में रिपोर्ट लगाकर तहसीलदार को भेज दिया और यह कहकर की आबादी की जमीन पर हो रहे निर्माण कार्य को हम नहीं रोक सकते। ग्राम समाज की जमीन पर अवैध निर्माण नहीं हो रहा शिकायत झूठी है।
मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार
अमेठी। 13जून को चंद्रभूषण तिवारी ने डी एम,एस पी और मुख्यमंत्री से आनलाइन शिकायत की है और न्याय की गुहार लगाई है। शिकायत में संयुक्त टीम की पैमाइश को ग़लत बताया गया है और दूसरी टीम गठित करके पैमाइश कराने और अवैध निर्माण रोकने का अनुरोध किया गया है।पीड़ित चंद्र भूषण तिवारी का कहना कि लेखपाल बालकृष्ण तिवारी की मिली भगत है,जब तक ये टीम में बने रहेंगे, निष्पक्ष पैमाइश नहीं हो सकती।मेरी जान को खतरा है , लेखपाल विकास तिवारी मेरी हत्या करा सकते हैं।
मैंने संयुक्त टीम भेजकर पैमाइश कराई है। बालीपुर डुडिया में कोई अवैध निर्माण नहीं हो रहा है। आबादी की जमीन पर निर्माण कार्य को हम नहीं रोक सकते।-नम्रता मिश्रा तहसीलदार अमेठी