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जन्मदिन पर इंसानियत की मिसाल बनीं प्रीति शर्मा

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pardarshi vikas news gorakhpur/kushinagar 

जहाँ एक ओर आधुनिक दौर में जन्मदिन का मतलब महंगी पार्टियाँ और दिखावा बनता जा रहा है, वहीं उत्तर प्रदेश की बेटी और इंटरनेशनल सुपरमॉडल प्रीति शर्मा ने इस सोच को पूरी तरह बदल दिया है। उन्होंने अपने जन्मदिन को समाज सेवा का माध्यम बनाकर एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है।5 अप्रैल को अपने खास दिन पर प्रीति शर्मा ने किसी आलीशान होटल या रिज़ॉर्ट की बजाय कुशीनगर की स्लम बस्तियों और ग्रामीण स्कूलों के बच्चों के बीच समय बिताना चुना। दीप्ति फिल्म प्रोडक्शन हाउस की डायरेक्टर के रूप में पहचान रखने वाली प्रीति ने बच्चों के साथ न सिर्फ केक काटा, बल्कि उन्हें किताबें, स्टेशनरी किट और उपहार वितरित कर शिक्षा के प्रति जागरूक भी किया।उनका जन्मदिन महज एक उत्सव नहीं, बल्कि एक सामाजिक अभियान बन चुका है। वह अपनी आय का एक निश्चित हिस्सा नियमित रूप से जरूरतमंद बच्चों और सामाजिक कार्यों में समर्पित करती हैं। इस पहल ने उन्हें न सिर्फ एक सफल मॉडल, बल्कि एक संवेदनशील समाजसेवी के रूप में भी स्थापित किया है।एक छोटे से गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने वाली प्रीति शर्मा की उपलब्धियाँ भी कम प्रेरणादायक नहीं हैं। मिसेज ग्लोरी ऑफ इंडिया 2023 और फेस ऑफ महाराष्ट्र 2021 जैसे खिताब जीतने के साथ ही उन्होंने ‘मदर एंड बेबी’ कैटेगरी में सफलता हासिल कर यह साबित किया कि एक माँ और गृहिणी भी बड़े सपनों को साकार कर सकती है। इसके अलावा उन्हें युगधारा अचीवर्स अवॉर्ड 2023 और राजबाला ट्रस्ट सम्मान 2025 से भी सम्मानित किया जा चुका है।आज प्रीति शर्मा केवल ग्लैमर इंडस्ट्री का चेहरा नहीं, बल्कि एक सफल बिजनेस वुमन भी हैं। एक बड़ी कंपनी की मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में वह परिवार, करियर और समाज सेवा के बीच शानदार संतुलन बना रही हैं।उनका यह कदम यह संदेश देता है कि असली पहचान बाहरी चमक-धमक से नहीं, बल्कि इंसानियत और सेवा भाव से बनती है। प्रीति शर्मा का यह ‘जमीनी अवतार’ आज की युवा पीढ़ी के लिए एक सशक्त प्रेरणा बनकर उभरा है।