
PARDARSHI VIKASH NEWS इटावा में एकमात्र साप्ताहिक संडे बाजार को लेकर चल रहे विवाद के बीच जिला प्रशासन ने व्यापारियों और पथ विक्रेताओं को राहत दी है। जिलाधिकारी सुभ्रांशु कुमार शुक्ल ने शर्तों के साथ संडे बाजार को उसी स्थान पर लगाने की अनुमति दे दी है। हालांकि प्रशासन ने बाजार के दौरान स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।शुक्रवार को उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल इटावा का प्रतिनिधिमंडल जिला अध्यक्ष आलोक दीक्षित और जिला उपाध्यक्ष इरशाद अहमद के नेतृत्व में जिलाधिकारी से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपकर संडे बाजार बंद कराने के फैसले पर आपत्ति जताई।व्यापारियों ने बताया कि साप्ताहिक संडे बाजार लंबे समय से गरीब और छोटे दुकानदारों की आजीविका का मुख्य साधन है। यहां बड़ी संख्या में रेहड़ी-पटरी विक्रेता अपनी रोजी-रोटी चलाते हैं। साथ ही कम आय वर्ग के लोगों को कम कीमत पर जरूरत का सामान उपलब्ध हो जाता है।प्रतिनिधिमंडल ने पथ विक्रेता जीविका संरक्षण अधिनियम 2014 का हवाला देते हुए बाजार को व्यवस्थित रूप से संचालित कराने की मांग की। उन्होंने बाजार को पशु मेला नुमाइश ग्राउंड में व्यवस्थित करने का सुझाव भी दिया।जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि संडे बाजार उसी स्थान पर लगेगा, लेकिन सभी विक्रेताओं को सफाई व्यवस्था का पालन करना होगा। हर दुकानदार को अपनी दुकान पर कूड़ादान रखना होगा और बाजार खत्म होने के बाद कचरा नगर पालिका की गाड़ी में डालना होगा।बाजार कमेटी की ओर से इस व्यवस्था को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट को लिखित अंडरटेकिंग भी दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बाजार संचालन के दौरान सफाई और जनसुविधाओं की जिम्मेदारी विक्रेताओं की होगी।