
पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी।एच एच ए आई की ओर से सड़कों के सुदृढ़ीकरण और चौड़ीकरण के दौरान कई स्थानों पर पेय जल पाइप लाइनों को काट दिया गया है।पाइप लाइनें क्षतिग्रस्त होने से जलापूर्ति प्रभावित हुई है और आई जी आर एस पोर्टल पर बराबर शिकायतें आ रही हैं। अधिशासी अभियंता इंजीनियर अनिल कुमार राव की ओर से इस बारे में शिकायत दर्ज कराने के बाद उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग -राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के अधिशासी अभियंता इंजीनियर विकास सिंह ने निर्माण कम्पनी के टीम लीडर को पत्र लिखकर 15दिन के भीतर रोड रेस्टोरेशन की समस्या दूर करने के निर्देश दिए हैं।इस समय राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या -931ए के चौड़ीकरण का काम चल रहा है। चौड़ीकरण के दौरान बिना सूचना के लोक निर्माण विभाग -एन एच की ओर से कार्यस्थल पर लगे कर्मियों और मजदूरों ने कई स्थानों पर जल निगम की पाईप लाईन को क्षतिग्रस्त कर दिया है। बिना सूचना के पाइप लाइन काटने से जल निगम की जलापूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। अमेठी विकास खंड की जंगल रामनगर ग्राम पंचायत से सबसे अधिक शिकायतें मिली हैं।जल निगम के अधिशासी अभियंता इंजीनियर अनिल कुमार राव ने इस सम्बन्ध में उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग,-राष्ट्रीय मार्ग खंड के अधिशासी अभियंता को 13अप्रैल को पत्र लिखा था। एक महीने से अधिक का समय बीत चुका है अभी तक रोड रेस्टोरेशन की समस्या दूर नहीं हुई है। शुक्रवार को अधिशासी अभियंता इंजीनियर अनिल कुमार राव ने स्टाफ बैठक कर संचालित परियोजनाओं से जलापूर्ति की समीक्षा की और सभी तरह के लीकेज ठीक करके भीषण गर्मी के मौसम में सुबह, दोपहर और शाम के समय उपभोक्ताओं को जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा को लेकर जिले के कुछ अधिकारियों और उनके मातहतों द्वारा अनुचित दबाव को लेकर अधिशासी अभियंता काफी चिंतित, दुःखी और गंभीर नजर आए। बैठक में सहायक अभियंता इंजीनियर दिनेश प्रताप गौतम,अंशू गुप्ता,अवर अभियंता इंजीनियर राजेश गुप्ता,सतीश यादव आदि मौजूद रहे।
जल जीवन मिशन की निर्माण कम्पनियों के सामने बेबस हुए अधिकारी
जल जीवन मिशन के अन्तर्गत जिले में तीन कम्पनियों द्वारा परियोजनाओं का संचालन और निर्माण कार्य किया जा रहा है। लाखों रुपए का जुर्माना ठोंके जाने के बाद भी कम्पनियां मनमानी तरीके से काम कर रही है। कुछ जगह आपरेटर कागज पर जलापूर्ति कर रहे हैं। लीकेज और रोड रेस्टोरेशन की शिकायतें आने पर एक हफ्ते के पहले निस्तारण नहीं हो पाता है।जलापूर्ति और जल कनेक्शन को लेकर आई जी आर एस पोर्टल पर शिकायतें कम नहीं हो रही हैं। सूत्रों का कहना है कि जिले के आला अधिकारी इन कम्पनियों के प्रतिनिधियों को अपने काम के प्रति सख्त नहीं कर पा रहे हैं।शासन सत्ता में बड़े अधिकारियों और मंत्रियों का संरक्षण प्राप्त होने के कारण कम्पनियां जिले के अधिकारियों के निर्देश पर बिल्कुल गंभीर नहीं है। अधिशासी अभियंता भी इनके प्रतिनिधियों के सामने कमजोर साबित हो रहे हैं।