
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। कानपुर पुलिस ने रिटायर्ड डिप्टी कमिश्नर उद्योग भैरव प्रसाद पांडेय से 57 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। आरोपियों ने खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर उन्हें और उनकी पत्नी को डिजिटल अरेस्ट किया और डराकर लाखों रुपये ट्रांसफर करा लिए। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। रामबाग निवासी भैरव प्रसाद पांडेय ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ लोगों ने उन्हें पुलवामा आतंकी हमले के मामले से जोड़कर कार्रवाई की धमकी दी। आरोपियों ने 13 दिनों तक वीडियो कॉल और फोन के जरिए उन्हें मानसिक दबाव में रखा और जांच के नाम पर 57 लाख रुपये ठग लिए। पुलिस ने जांच के बाद जयप्रकाश, शुभांकर सिंह, विक्रम सिंह, विनय प्रताप सिंह और राजू ठाकुर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि यह अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह है, जो कई राज्यों में सक्रिय है। मुख्य आरोपी राजू ठाकुर, जो झारखंड का रहने वाला है, ने पूछताछ में बताया कि इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड सीआईएसएफ जवान दाऊद अंसारी है। उसकी पोस्टिंग राउरकेला, उड़ीसा में है और वह मूल रूप से पश्चिम बंगाल का रहने वाला है। पुलिस कमिश्नर Raghubir Lal ने बताया कि दाऊद अंसारी विदेश में बैठे अन्य साइबर ठगों के संपर्क में रहकर पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की एक टीम राउरकेला स्थित सीआईएसएफ मुख्यालय भेजी जा रही है। पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, कार और अन्य सामान भी बरामद किया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
आरोपियों ने रिटायर्ड अधिकारी को डिजिटल अरेस्ट कर 57 लाख रुपये की ठगी की। पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरोह का मास्टरमाइंड उड़ीसा में तैनात सीआईएसएफ जवान है, जिसकी तलाश में पुलिस टीम रवाना की गई है।-पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल