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डीएम ने जलापूर्ति परियोजना का निरीक्षण किया पानी की टंकियों से सुबह, दोपहर,शाम जलापूर्ति के दिए निर्देश

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पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी। डी एम संजय चौहान ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट में बैठक कर जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने सभी एजेंसियों के कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और गर्मी के मौसम में हर घर नल योजना के अन्तर्गत जलापूर्ति की व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए। बैठक के बाद डी एम ने विकास खंड जामों के अन्तर्गत रामपुर चौधरी में ग्रामीण पाइप लाइन पेयजल परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया और जलापूर्ति के बारे में ग्रामीणों से फीड बैक लिया। डी एम के साथ मुख्य विकास अधिकारी पूजा साहू भी रहीं। गुरुवार को जिलाधिकारी ने विकासखंड जामों अंतर्गत ग्राम रामपुर चौधरी पहुंचकर ग्रामीण पाइप पेयजल परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परियोजना से जुड़े प्रत्येक पहलू की गहनता से समीक्षा की तथा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि भीषण गर्मी के दौरान किसी भी गांव में पेयजल आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता जल निगम से परियोजना के संचालन, जलापूर्ति की समय-सारिणी, ओवरहेड टैंक की साफ-सफाई, पाइपलाइन व्यवस्था तथा रखरखाव संबंधी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देशित किया कि पानी की सप्लाई निर्धारित समयानुसार नियमित रूप से सुनिश्चित की जाए तथा ग्रामीणों को किसी प्रकार की असुविधा न होने पाए। इसके उपरांत जिलाधिकारी स्वयं गांव में पहुंचे और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर पानी की उपलब्धता एवं सप्लाई की वास्तविक स्थिति जानी। उन्होंने घरों में जाकर नलों की जांच की तथा स्वयं नल खोलकर पानी सप्लाई की सच्चाई परखी। मौके पर नलों से नियमित रूप से पानी की आपूर्ति होती पाई गई, जिस पर जिलाधिकारी ने संतोष व्यक्त किया। ग्रामीणों ने भी जलापूर्ति व्यवस्था को लेकर अपने अनुभव साझा किए। जिलाधिकारी संजय चौहान ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वर्तमान भीषण गर्मी को देखते हुए केवल सुबह और शाम ही नहीं, बल्कि आवश्यकता अनुसार दोपहर में भी पानी की सप्लाई सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि जलापूर्ति में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि पेयजल की गुणवत्ता की समय-समय पर जांच कराई जाए तथा ओवरहेड टैंक एवं अन्य संरचनाओं की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए, जिससे ग्रामीणों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके। जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया कि शिकायत प्राप्त होने पर उसका तत्काल निस्तारण किया जाए। अधिशासी अभियंता जल निगम ए.के. राव ने बताया कि उक्त परियोजना के माध्यम से 11 मजरों एवं दो राजस्व गांवों में जलापूर्ति की जा रही है। योजना के अंतर्गत कुल 620 घरों को पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने बताया कि जनपद अमेठी में जल जीवन मिशन के अंतर्गत कुल 487 पाइप पेयजल परियोजनाएं संचालित हैं, जिनमें से 370 परियोजनाओं में कार्य पूर्ण कर जलापूर्ति प्रारंभ की जा चुकी है। जनपद में कुल 3,32,724 घरों को पेयजल कनेक्शन दिए जाने का लक्ष्य निर्धारित था, जिसके सापेक्ष अब तक 3,32,300 घरों में कनेक्शन उपलब्ध करा दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी पूजा साहू, अधिशासी अभियंता जल निगम ए.के. राव आदि मौजूद रहे।