
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। पड़ रही भीषण गर्मी अब लोगों की सेहत पर भारी पड़ने लगी है। लगातार 43 डिग्री सेल्सियस तापमान और गर्म हवाओं के कारण शहर के अस्पतालों में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। मौसम विभाग और जिला प्रशासन ने हीट स्ट्रोक को लेकर अलर्ट जारी किया है। वहीं हैलट हॉस्पिटल की ओपीडी में रोजाना 400 से 500 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, दस्त, उल्टी, डायरिया, चक्कर, कमजोरी और आंखों के सामने अंधेरा छाने जैसी समस्याओं से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ गई है। डॉक्टरों के मुताबिक तेज धूप और शरीर में पानी की कमी लोगों को तेजी से बीमार कर रही है। बच्चों और बुजुर्गों पर गर्मी का असर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। हैलट हॉस्पिटल की वाइस प्रिंसिपल डॉ. ऋचा गिरी ने बताया कि बढ़ती गर्मी और मरीजों की संख्या को देखते हुए अस्पताल में विशेष इंतजाम किए गए हैं। सभी वार्डों में कूलर और एसी की व्यवस्था कराई गई है। इमरजेंसी और ओपीडी में अतिरिक्त डॉक्टरों की टीमें लगातार मरीजों का इलाज कर रही हैं। उन्होंने बताया कि दोपहर के समय सबसे ज्यादा मरीज हालत बिगड़ने के बाद अस्पताल पहुंच रहे हैं। कई मरीजों में हीट एग्जॉशन और हीट स्ट्रोक जैसे लक्षण भी पाए जा रहे हैं। डॉक्टरों ने लोगों को बाहर की खुली और कटे फल जैसी चीजें खाने से बचने की सलाह दी है, ताकि डायरिया और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याओं से बचा जा सके। विशेषज्ञों के अनुसार सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक तेज लू चल रही है। ऐसे में बिना जरूरी काम के घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। बाहर निकलते समय सिर ढककर रखें और साथ में पानी की बोतल जरूर रखें। डॉक्टरों ने अधिक मात्रा में पानी, नींबू पानी, छाछ और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी में सिर्फ धूप से बचना ही काफी नहीं, बल्कि खान-पान और दिनचर्या में सावधानी बरतना भी जरूरी है। छोटी-सी लापरवाही भी लू और डिहाइड्रेशन जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है।