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भीषण गर्मी, 30 अप्रैल तक आंधी-बूंदाबांदी के आसार

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पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। बीते कई दिनों से भीषण गर्मी पड़ रही है। दोपहर के समय सड़कों पर निकलना मुश्किल हो रहा है। तेज धूप और गर्म हवाओं के बीच लोगों को आसमान से आग बरसने जैसा महसूस हो रहा है। हालात ऐसे हैं कि बाहर निकलने वाले लोग गमछा भिगोकर चेहरे पर रखकर खुद को राहत देने की कोशिश कर रहे हैं। आज सुबह से मौसम में मामूली बदलाव देखने को मिला। मौसम साफ है और पिछले दिनों की अपेक्षा सुबह के समय धूप कुछ नरम रही। भोर में छिटपुट बूंदाबांदी भी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार 28 से 30 अप्रैल तक आंधी, बादल छाने और बूंदाबांदी की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट आ सकती है और लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।सुबह 7 बजे धूप हल्की रहने से सड़कों पर यातायात सामान्य रहा, लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही गर्मी बढ़ने लगी। राहगीर सिर और चेहरा ढककर निकलते दिखाई दिए। युवतियां भी तेज धूप से बचने के लिए सिर और चेहरा पूरी तरह ढककर सफर करती नजर आईं।मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि हीट डोम के कारण तापमान लगातार बढ़ रहा है। हालांकि तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट के साथ नमी का स्तर भी बढ़ा है। आने वाले तीन दिनों में तेज हवाओं के साथ आंधी और बूंदाबांदी की संभावना है। यह स्थितियां गर्मी से राहत देने का काम करेंगी।उन्होंने बताया कि बादल छा सकते हैं, लेकिन बारिश अलग-अलग क्षेत्रों में ही होगी। तापमान में गिरावट आएगी, लेकिन हीट इंडेक्स बढ़ सकता है, जिससे उमस अधिक महसूस होगी।हीट वेव और गर्मी से बचने के लिए दिन के सबसे गर्म समय यानी दोपहर 12 से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचना चाहिए। ढीले, हल्के रंग के और सूती पूरी बांह के कपड़े पहनने चाहिए। सिर को टोपी, गमछा या छाते से ढककर बाहर निकलना चाहिए। घर में ठंडक बनाए रखने के लिए पंखा, कूलर या एसी का उपयोग करना चाहिए।पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लेते रहना जरूरी है। प्यास लगने का इंतजार न करें, दिन में बार-बार पानी पिएं। नियमित रूप से ओआरएस, नींबू पानी, छाछ और नारियल पानी का सेवन करें। चाय, कॉफी और शराब से बचें। हल्का, सुपाच्य और ताजा भोजन करें। तला-भुना और मसालेदार खाना कम खाएं। तरबूज, खरबूज, खीरा, ककड़ी और संतरा जैसे फल अधिक लें।घर से बाहर निकलने से पहले पर्याप्त मात्रा में पानी पीकर निकलें। दूध या दूध से बनी मिठाइयों से परहेज करें। खिड़कियों पर पर्दे, सनशेड या सफेद पेपर लगाएं और दोपहर में घर के खिड़की-दरवाजे बंद रखें।हीट स्ट्रोक के लक्षणों को पहचानना भी जरूरी है। बहुत तेज बुखार आना, चक्कर आना, उल्टी होना, बेहोशी महसूस होना, त्वचा का सूखी और बहुत गर्म हो जाना, बार-बार अत्यधिक प्यास लगना, होंठों का सूख जाना, शरीर में कमजोरी और बेचैनी महसूस होना इसके प्रमुख लक्षण हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

हीट वेव और गर्मी से बचने के उपाय

  • दिन के सबसे गर्म समय यानी दोपहर 12 से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें।
  • ढीले, हल्के रंग के और सूती पूरी बांह के कपड़े पहनें।
  • सिर को टोपी, गमछा या छाते से ढककर बाहर निकलें।
  • घर में ठंडक बनाए रखने के लिए पंखा, कूलर या एसी का उपयोग करें।
  • पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लेते रहें।
  • प्यास लगने का इंतजार न करें, दिन में बार-बार पानी पिएं।
  • नियमित रूप से ओआरएस, नींबू पानी, छाछ और नारियल पानी का सेवन करें।
  • चाय, कॉफी और शराब से बचें।
  • हल्का, सुपाच्य और ताजा भोजन करें।
  • तला-भुना और मसालेदार खाना कम खाएं।
  • तरबूज, खरबूज, खीरा, ककड़ी और संतरा जैसे फल अधिक लें।
  • घर से बाहर निकलने से पहले पर्याप्त मात्रा में पानी पीकर निकलें।
  • दूध या दूध से बनी मिठाइयों से परहेज करें।
  • खिड़कियों पर पर्दे, सनशेड या सफेद पेपर लगाएं।
  • दोपहर में घर के खिड़की-दरवाजे बंद रखें।