
नौबस्ता थाना क्षेत्र में रविवार देर रात मामूली बाइक टक्कर खूनी वारदात में बदल गई। यशोदा नगर बाईपास स्थित वृंदावन गेस्ट हाउस के सामने हुई इस घटना में मनबढ़ युवकों ने बीच सड़क पर पिता और उनके दो बेटों पर हेलमेट, ईंट और चाकू से हमला कर दिया। हमले में पिता और एक बेटे की मौत हो गई, जबकि दूसरा बेटा गंभीर रूप से घायल है। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरोपी भीड़ के सामने बेरहमी से मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं।
मृतकों की पहचान चकेरी क्षेत्र के रामपुर कांशीराम कॉलोनी निवासी शिव नारायण त्रिवेदी (60) और उनके बेटे शिवम (25) के रूप में हुई है। वहीं दूसरा बेटा सत्यम गंभीर रूप से घायल है और उसका इलाज चल रहा है। परिवार के मुताबिक तीनों किदवई नगर स्थित एक मार्बल शॉप में काम करते थे और रविवार रात ड्यूटी खत्म कर घर लौट रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रास्ते में उनकी अपाचे बाइक की दूसरी बाइक से हल्की टक्कर हो गई। इसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। आरोपियों ने पहले हेलमेट और लात-घूंसों से हमला किया, फिर ईंट और चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। सड़क पर अफरा-तफरी मच गई और तीनों घायल होकर गिर पड़े।
घटना के दौरान मौजूद लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन आरोपी लगातार हमला करते रहे। बाद में भीड़ ने हिम्मत दिखाते हुए एक आरोपी शिवा वर्मा (19) को पकड़ लिया और पिटाई के बाद पुलिस के हवाले कर दिया। वहीं मुख्य आरोपी करन वर्मा (24) और उसका साथी उत्कर्ष अवस्थी मौके से फरार हो गए।
सूचना मिलने पर उत्तर प्रदेश पुलिस की नौबस्ता थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को हैलट अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने शिव नारायण और शिवम को मृत घोषित कर दिया, जबकि सत्यम की हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों के अनुसार मृतकों के सीने, पेट और चेहरे पर चाकू के गहरे घाव मिले हैं।
घटना के बाद अस्पताल पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मृतक की पत्नी सुधा त्रिवेदी और बेटी प्रीति ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। परिवार ने कहा कि जिस तरह उनके परिवार को उजाड़ा गया है, उसी तरह आरोपियों को भी कठोर सजा मिलनी चाहिए।
पुलिस ने सोमवार तड़के करीब 4:30 बजे मुख्य आरोपी करन वर्मा, उसके साथी उज्जवल और मददगार समीर गौतम को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी हमीरपुर की ओर भागने की कोशिश कर रहे थे। घेराबंदी के दौरान पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में करन के पैरों में गोली लगी, जबकि अन्य दो आरोपियों को दौड़ाकर पकड़ लिया गया।
डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि मुख्य आरोपी करन वर्मा के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वर्ष 2023 में भी वह हत्या के एक मामले में जेल जा चुका था और हाल ही में जमानत पर बाहर आया था। पुलिस ने मौके से तीन बाइकें भी बरामद की हैं और पूरे मामले की जांच जारी है।