
Pardarshi Vikas News Amethi
संविधान निर्माता बोधिसत्व बाबा साहब डॉ अम्बेडकर की 135वीं जिले में धूमधाम से मनाई गई। अमेठी के रामलीला मैदान में झांकियों के जुलूस में भारी भीड़ उमड़ी। गौरीगंज, मुसाफिरखाना,जायस और जनता नगर भादर में समारोह में हजारों लोग शामिल हुए। जिले की विभिन्न तहसीलों में 250के आसपास संख्या में झांकियां शामिल हुईं।रामलीला मैदान से झांकियों का जुलूस लगभग साढ़े तीन नगर भ्रमण के लिए निकला। जुलूस में पचास छोटी बड़ी झांकियां शामिल रहीं।त्रिसरण पंचशील और महापुरुषों के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पार्चन के साथ कार्यक्रम प्रारंभ हुआ।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिया लाल आर्य अस्वस्थ होने के कारण समारोह में उपस्थित नहीं हो पाए। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ अम्बेडकर सर्वसमाज के मसीहा थे। उन्होंने भारत को दुनिया का सबसे अच्छा संविधान दिया है ।जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरि ने कहा कि बाबा साहब डॉ अम्बेडकर को पढ़ने से अधिक आत्मसात् करने की जरूरत है। बाबा साहब डॉ अम्बेडकर ने सौ प्रतिशत लोगों के लिए काम किया है। बाबा साहब डॉ अम्बेडकर ने दुनिया में एक विचार स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि कल के फायदे के लिए आज झूठ नहीं बोलेंगे।हम सामाजिक कुरीतियों और बुराईयों के विरुद्ध सार्थक लड़ाई लड रहे हैं। समाज के अभावग्रस्त और पीड़ा ग्रस्त लोगों की मदद हमारा धर्म होना चाहिए। विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार और बामसेफ के जिला संयोजक संजीव भारती ने बाबा साहब डॉ अम्बेडकर के जीवन संघर्ष का विस्तार से उल्लेख करते हुए वर्तमान लोकतंत्र की व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने सामाजिक और आर्थिक गैरबराबरी दूर करने के संदेश दिए थे।डॉ अम्बेडकर एक समान शिक्षा प्रणाली के पक्षधर थे।जब तक ये दोनों चीजें नहीं पूरी होती, बाबा साहब का सपना साकार करने की राजनेताओं के दावे बेमानी माने जायेंगे।बाबा साहब डॉ अम्बेडकर ने बौद्ध धम्म ग्रहण कर अपने अनुयायियों को बुद्धं सरणं गच्छामि के संदेश दिए थे। मानवता का कल्याण और दुनिया में शांति, सौहार्द और समानता भगवान बुद्ध की शिक्षाओं को आत्मसात करने से ही सम्भव है।विशिष्ट अतिथि बसपा नेता जितेन्द्र मिश्र ने कहा कि बाबा साहब डॉ अम्बेडकर के जीवन संघर्षो का वर्णन शब्दों में सम्भव नहीं।वे समता, स्वतंत्रता, बन्धुत्व और न्याय पर आधारित सामाजिक व्यवस्था चाहते थे। बाबा साहब डॉ अम्बेडकर के विचारों को धरातल पर उतारने का काम मान्यवर कांशीराम ने किया। बाबा साहब डॉ अम्बेडकर के सम्मान में बहन मायावती जी ने लखनऊ में ऐतिहासिक सामाजिक परिवर्तन स्थल का निर्माण कराया। बसपा एक मात्र राष्ट्रीय पार्टी है जो बाबा साहब डॉ अम्बेडकर के विचारों को धरातल पर उतारने का काम कर रही है।बसपा सामाजिक भाईचारा कमेटी के अध्यक्ष मकबूल अहमद ने कहा कि बाबा साहब डॉ अम्बेडकर ने किसी एक जाति धर्म का नहीं सर्वसमाज के कल्याण के लिए काम किया है।कार्यक्रम का संचालन अम्बेडकर सेवा समिति के अध्यक्ष संजय कुमार शास्त्री और श्याम लाल ने किया। डा उदयराज राव,राम चन्द्र सरस, त्रिभुवन दत्त, ललित कुमार, राजेश अकेला, रामचंद्र,श्याम कुमार ने अतिथियों का स्वागत सम्मान किया।बबलू तिवारी,राम सजीवन कोरी, उदयराज कोरी,शिव प्रकाश मौर्य , बबलू तिवारी, दयाराम बौद्धाचार्य,राम तीर्थ सरोज आदि ने सभा को संबोधित किया। डा नन्हे लाल, फूल चंद्र बौद्ध,सुरेन्द्र कुमार,मो इश्तियाक, हरिश्चंद्र कोरी, अरुण कुमार मौर्य,किसमता भारती, सोनाली एडवोकेट,ऊषा बौद्ध, सुनीता भारती ज्योति वर्मा, लालती देवी, तारावती, प्रमोद कुमार, कुल रोशन एडवोकेट, रामदेव लहरी, कर्मपती, पारसनाथ यादव आदि मौजूद रहे।

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भंडारे का आयोजन हुआ
अम्बेडकर जयंती के अवसर पर समाजसेवी गुड्डा देवी की ओर से भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारा 12बजे शुरू हुआ और शाम तक चलता रहा।भंडारे में हज़ारों लोगों ने भोजन ग्रहण किया।
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जिला मुख्यालय पर हुए दो कार्यक्रम
अम्बेडकर जयंती पर गौरीगंज में दो कार्यक्रम हुए। अम्बेडकर महासभा और प्रोटान संगठन की ओर से संजय कनौजिया के संयोजन में रणांजय इंटर कालेज के मैदान में सभा और भंडारे का आयोजन हुआ। अम्बेडकर कल्याण समिति की ओर से पूरे तेजई में जुलूस के समापन के बाद सभा हुई। एस सी एस टी टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन के मंडल अध्यक्ष दयाशंकर सरोज मुख्य अतिथि रहे।
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दो दर्जन झांकियों का जुलूस निकला
भादर में जनता नगर में सभा का आयोजन किया गया। दो दर्जन से अधिक झांकियां आई हुई थी। सेवानिवृत्त सी एम ओ डा आर एन रत्नाकर मुख्य अतिथि रहे। विधायक महाराजी प्रजापति, ब्लाक प्रमुख प्रवीण कुमार सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में मौजूद रहे। समारोह का संचालन इन्द्र पाल गौतम ने किया।