
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। धनवंतरी सेवा समिति के तत्वावधान में शनिवार को मलिक गेस्ट हाउस में पूर्व चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल चतुर्वेदी की स्मृति में शोक सभा आयोजित की गई। शोकसभा में आयुर्वेद जगत, सामाजिक संगठनों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। आरोग्य भारती महानगर अध्यक्ष, आयुर्वेद सम्मेलन महानगर अध्यक्ष और धनवंतरी सेवा समिति के पूर्व अध्यक्ष रहे डॉ. अनिल चतुर्वेदी का 1 मई 2026 को हरिद्वार में हर की पैड़ी पर गंगा आरती के बाद हृदय गति रुकने से निधन हो गया था। उनके निधन से आयुर्वेद समाज में शोक की लहर दौड़ गई।कार्यक्रम में सेंट्रल काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन बोर्ड के डायरेक्टर सुरेश चंद्र गुप्ता ने भावुक होकर कहा कि डॉ. अनिल चतुर्वेदी उनके लिए भाई समान थे। उन्होंने कहा कि 47 वर्षों तक उन्होंने हर सुख-दुख में साथ निभाया और आयुर्वेद सेवा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।पीडब्ल्यूडी इंजीनियर ए.एन. द्विवेदी ने कहा कि डॉ. चतुर्वेदी का निधन व्यक्तिगत क्षति है। उन्होंने कहा कि समाज ने एक समर्पित और सेवाभावी व्यक्तित्व खो दिया है। वर्तमान सीएमओ कप्तान सिंह ने भी शोक व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ. अनिल चतुर्वेदी हमेशा लोगों की मदद के लिए तत्पर रहते थे और उनका व्यवहार बेहद सरल व प्रेरणादायक था।आयुर्वेद सम्मेलन के संयोजक विनय श्रीवास्तव ने कहा कि उन्होंने एक जिम्मेदार साथी और भाई को खो दिया है। शोकसभा में मौजूद लोगों ने डॉ. चतुर्वेदी के सामाजिक योगदान, चिकित्सा सेवा और आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार में उनकी भूमिका को याद किया।इस दौरान शरद अग्रवाल, मनीष यादव, अमित श्रीवास्तव, विक्रम सिंह, डॉ. गौरी, डॉ. ज्ञान प्रकाश तिवारी, डॉ. के.के. द्विवेदी, डॉ. वंदना पाठक, सुशील कुमार और अध्यक्ष सुखबीर मलिक समेत बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।