news-details

आत्मनिर्भर बनने से पहले एक्सपर्ट मां बनें":राज्यपाल

You can share this post!

 

पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के 41वें दीक्षांत समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने विद्यार्थियों, विशेष रूप से छात्राओं को संबोधित करते हुए आत्मनिर्भरता के साथ पारिवारिक जिम्मेदारियों और संस्कारों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिलाएं चाहे आईएएस बनें, अध्यापक बनें या किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त करें, लेकिन सबसे पहले उन्हें एक "एक्सपर्ट मां" बनने की तैयारी करनी चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि घर में बनने वाला भोजन हर बेटी को बनाना आना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज कई बेटियां शादी के बाद यूट्यूब देखकर खाना बनाना सीखती हैं, जबकि यह कौशल परिवार से ही सीखना चाहिए। उनके अनुसार आत्मनिर्भरता और पारिवारिक जीवन दोनों का संतुलन ही समाज को मजबूत बनाता है।अपने संबोधन में राज्यपाल ने जल संरक्षण को भी विशेष महत्व दिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत बचपन से होनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि घरों में बच्चों की ऊंचाई के अनुसार पानी की टंकी या व्यवस्था हो, ताकि बच्चे स्वयं पानी पी सकें और मेहमानों को भी पानी परोसने की आदत विकसित करें। उन्होंने कहा कि पानी बचाने की जिम्मेदारी आने वाली पीढ़ी की है और हर परिवार को इस दिशा में बच्चों को प्रेरित करना चाहिए। दीक्षांत समारोह के दौरान विश्वविद्यालय ने पिछले शैक्षणिक सत्र में उत्तीर्ण लगभग एक लाख विद्यार्थियों की डिग्रियां डिजीलॉकर के माध्यम से उपलब्ध कराईं, जिससे विद्यार्थियों को उनकी डिजिटल डिग्री तुरंत प्राप्त हो गई।समारोह में विश्वविद्यालय की टॉपर प्रिया यादव को कुलाधिपति स्वर्ण पदक सहित कुल पांच पदकों से सम्मानित किया गया। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर स्थित स्कूल ऑफ एडवांस्ड एग्रीकल्चर साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी से बीएससी (कृषि) में सर्वोच्च अंक प्राप्त किए। वहीं एमएससी माइक्रोबायोलॉजी के छात्र रोहित कुमार राय को कुलाधिपति रजत पदक सहित तीन पदक प्रदान किए गए।इसके अलावा परंपरागत कच्छ चर्म शिल्प के विशिष्ट शिल्पाचार्य एवं उद्यमी पी. बिजलानी को मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। समारोह में एआईसीटीई के चेयरमैन प्रो. योगेश कुमार सिंह, उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय तथा राज्य मंत्री रजनी तिवारी भी उपस्थित रहे।दीक्षांत समारोह में उत्कृष्ट शैक्षणिक योगदान के लिए चार शिक्षकों को 'उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान' से सम्मानित किया गया। वहीं स्कूली बच्चों ने 'सेव वॉटर' थीम पर सांस्कृतिक प्रस्तुति देकर जल संरक्षण का संदेश दिया, जिसकी राज्यपाल ने सराहना की।कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को शिक्षा, संस्कार, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारियों के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।