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आर्य समाज स्थापना दिवस पर 51 कुण्डीय महायज्ञ सम्पन्न, वैदिक मंत्रों से गूंजा वातावरण

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सैकड़ों युवाओं ने दी आहुति, यज्ञ भारतीय संस्कृति का आधार-डा.रवीश वैदिक

pardarshi vikas news kanpur 
जिला आर्य प्रतिनिधि सभा, कानपुर नगर के तत्वावधान में रविवार को गोविंद नगर स्थित आर्य कन्या इंटर कॉलेज परिसर में आर्य समाज स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में भव्य 51 कुण्डीय वैदिक महायज्ञ का आयोजन श्रद्धा एवं उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर पूरा वातावरण वैदिक मंत्रोच्चार और यज्ञ की पवित्र सुगंध से भक्तिमय हो उठा। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में युवाओं एवं युवतियों ने सहभागिता करते हुए विधिवत वैदिक मंत्रों के साथ अग्नि में आहुति अर्पित की। आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ किया, बल्कि युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ने का सशक्त संदेश भी दिया। मुख्य अतिथि डॉ. रवीश वैदिक ने अपने ओजस्वी व्याख्यान में यज्ञ के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि “यज्ञ संसार का श्रेष्ठतम कर्म है, जो मानव जीवन को शुद्ध एवं उन्नत बनाता है।” उन्होंने कहा कि हमारे ऋषि-मुनियों ने यज्ञ संस्कृति को अपनाकर ही भारत को विश्वगुरु के रूप में स्थापित किया। उन्होंने आर्य समाज के संस्थापक महर्षि दयानंद सरस्वती के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उनके वैदिक सिद्धांतों ने राष्ट्र में नई चेतना का संचार किया और स्वतंत्रता आंदोलन को दिशा प्रदान की। साथ ही उन्होंने सभी से ‘सत्यार्थ प्रकाश’ के अध्ययन का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान सुप्रसिद्ध भजनोपदेशक आचार्य विजय आनंद ने राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत भजनों की प्रस्तुति देकर उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया। उनके भजनों ने पूरे वातावरण को देशभक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला प्रधाना चन्द्र कान्ता गेरा ने की, जबकि सफल संचालन महामंत्री आनंद जी आर्य द्वारा किया गया।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से अशोक आनंद, सुभाष आर्य, प्रकाश वीर आर्य, शुभ कुमार वोहरा, प्रमोद कुमार आर्य, वीरेंद्र मल्होत्रा, अनिल चोपड़ा, सुरेन्द्र गेरा सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं आर्य समाज के कार्यकर्ता उपस्थित रहे कार्यक्रम के अंत में विश्व शांति, राष्ट्र उन्नति एवं समाज के कल्याण हेतु विशेष प्रार्थना की गई, जिसके साथ ही महायज्ञ का विधिवत समापन हुआ।