
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। देश में बढ़ते ईंधन संकट और महंगे डीजल के बीच आईआईटी कानपुर के एक स्टार्टअप ने भारत का पहला स्वदेशी इलेक्ट्रिक कॉम्पैक्ट ट्रैक्टर विकसित किया है। इस ट्रैक्टर को आईआईटी कानपुर के स्टार्टअप इनोवेशन एंड इंक्यूबेशन सेंटर (SIIC) से जुड़े स्कैनैक्स्ट साइंटिफिक टेक्नोलॉजीज ने तैयार किया है। दावा किया गया है कि यह ट्रैक्टर एक बार चार्ज होने पर करीब 4 से 5 घंटे तक काम कर सकेगा। कंपनी के फाउंडर रजत वर्धन ने बताया कि ट्रैक्टर को फिलहाल और बेहतर बनाने के लिए अपडेट किया जा रहा है। इसे दीपावली के आसपास बाजार में लॉन्च करने की तैयारी है। उन्होंने बताया कि इसकी कीमत सामान्य डीजल ट्रैक्टर से अधिक होगी, लेकिन किसानों को राहत देने के लिए राज्य सरकारों से सब्सिडी को लेकर बातचीत चल रही है।हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित ‘विज्ञान टेक 2026’ प्रदर्शनी के दौरान स्कैनैक्स्ट साइंटिफिक टेक्नोलॉजीज ने CSIR-CMERI और नेशनल रिसर्च डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (NRDC) के साथ तकनीकी हस्तांतरण को लेकर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।कंपनी के अनुसार यह ट्रैक्टर 90 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी पुर्जों से तैयार किया गया है और खासतौर पर छोटे एवं सीमांत किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इसमें इलेक्ट्रिक ड्राइवट्रेन और Vehicle-to-Load (V2L) जैसी तकनीक दी गई है, जिससे सिंचाई पंप और कृषि उपकरणों को भी ऊर्जा दी जा सकेगी।स्टार्टअप का दावा है कि यह तकनीक खेती की लागत कम करने और ग्रामीण क्षेत्रों में हरित रोजगार बढ़ाने में मददगार साबित होगी।