
Pardarshi Vikas News Ayodhya
84 कोसी परिक्रमा के दौरान आस्था का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा है। प्राचीन धार्मिक परंपरा से जुड़ी इस पदयात्रा में देश के विभिन्न राज्यों के साथ नेपाल से भी हजारों श्रद्धालु शामिल होकर अपनी श्रद्धा व्यक्त कर रहे हैं। शुक्रवार रात परिक्रमार्थियों का बड़ा जत्था अमानीगंज क्षेत्र के पक्का तालाब पहुंचा, जहां उन्होंने रात्रि विश्राम किया। शनिवार सुबह श्रद्धालुओं ने स्नान और पूजा-अर्चना के बाद अगले पड़ाव के लिए प्रस्थान किया।
परिक्रमा में अयोध्या के अलावा मथुरा, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड और महाराष्ट्र से आए श्रद्धालुओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। पक्का तालाब के आसपास श्रद्धालुओं ने अस्थायी शिविर बनाकर विश्राम किया और तालाब में स्नान कर धार्मिक आस्था का प्रदर्शन किया। स्थानीय मान्यता के अनुसार, इस तालाब का जल कभी सूखता नहीं है, जिससे इसकी विशेष धार्मिक महत्ता मानी जाती है।
यात्रा के दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा सेवा कार्य भी किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने करीब 600 से अधिक श्रद्धालुओं के लिए भोजन और प्रसाद की व्यवस्था की। साथ ही भजन-कीर्तन के आयोजन से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
पक्का तालाब के पास स्थित बाबा चतुरेश्वर महादेव मंदिर भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र है, जिसे संत चतुरगिरी की तपोस्थली माना जाता है। करीब 240 किलोमीटर लंबी यह परिक्रमा पांच जिलों से होकर गुजरती है और 21 दिनों में पूर्ण होती है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इस परिक्रमा से मोक्ष की प्राप्ति होती है और जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति मिलती है।