
कानपुर। 24 घंटे से अधिक समय तक हाउस अरेस्ट रहने के बाद समाजवादी पार्टी लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष द्विवेदी ने शुक्रवार को छात्र-छात्राओं के साथ पैदल मार्च निकालने का प्रयास किया। हालांकि नौबस्ता थाना पुलिस ने मार्च को आगे बढ़ने से रोक दिया, जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। भारी संख्या में तैनात पुलिस बल ने सुभाष द्विवेदी और उनके समर्थकों को घर से आगे नहीं बढ़ने दिया। इसके बाद उन्होंने अपने आवास के बाहर ही छात्र-छात्राओं के साथ शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।प्रदर्शन के दौरान प्रतिभागियों के हाथों में तिरंगा और विभिन्न मांगों से जुड़ी तख्तियां थीं। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रधानमंत्री से देश के छात्र-छात्राओं से माफी मांगने तथा शिक्षा संबंधी कानूनों में बदलाव की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे अपनी मांगों को लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से सरकार तक पहुंचाना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें मार्च निकालने की अनुमति नहीं दी।

प्रदर्शन का नेतृत्व सुभाष द्विवेदी ने किया। इस दौरान अमर बहादुर यादव, छोटू सिंह, अभिषेक सिंह, धीरज यादव, विनय, उमाशंकर, आयुष सिंह, सुमित, विजय, सचिन तिवारी, अर्पित पाल और अभय सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। वहीं छात्राओं में सोनम, अविका, अंशिका, प्रियंका, परी, नेहा उत्तम, रुचिका, जय देवी, आकांक्षा, रूपाली, धनेश्वरी देवी, मोनिका और रिया सिंह ने भी प्रदर्शन में भाग लिया।प्रदर्शनकारियों का दावा है कि कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण था और इसमें केवल छात्र-छात्राओं की सहभागिता रही। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए। वहीं पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पर्याप्त बल तैनात रहा और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया गया।