
PARDARSHI VIKASH NEWS नई दिल्ली/लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। हाल ही में दिल्ली में हुई INDIA ब्लॉक की बैठक में 25 राजनीतिक दलों ने हिस्सा लिया, जिसमें सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी शामिल हुए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस दौरान कहा कि SIR और चुनाव की निष्पक्षता को लेकर वे मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखेंगे।इससे पहले 5 जून को राहुल गांधी की मौजूदगी में यूपी के प्रमुख दलित और पिछड़े वर्ग के नेताओं की बैठक हुई थी, जिसे 2027 चुनाव से पहले सपा के PDA फॉर्मूले को मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं 4 जून को लखनऊ में बीजेपी ने भी संगठनात्मक बैठक कर पश्चिम बंगाल मॉडल की तर्ज पर बूथ स्तर तक तैयारी तेज करने के निर्देश दिए।राजनीतिक हलकों में इन गतिविधियों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या यूपी विधानसभा चुनाव तय समय से पहले कराए जा सकते हैं। हालांकि चुनाव आयोग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल वोटर लिस्ट SIR कार्यक्रम तय समय के अनुसार ही आगे बढ़ रहा है।विशेषज्ञों के अनुसार जनगणना, बोर्ड परीक्षाओं और प्रशासनिक तैयारियों के कारण समय से पहले चुनाव की संभावना पर चर्चा हो रही है। वहीं विपक्ष का आरोप है कि सरकार राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए रणनीति बदल सकती है।फिलहाल सभी दलों ने अपनी-अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं और उम्मीदवार चयन से लेकर बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।