
कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में विधि प्रथम वर्ष के छात्रों ने अपने साथ कथित भेदभाव का आरोप लगाते हुए विधि छात्र मोर्चा के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने मांग की कि जिस प्रकार विश्वविद्यालय प्रशासन ने तृतीय वर्ष (अंतिम वर्ष) के छात्रों को विशेष अवसर प्रदान किया है, उसी प्रकार प्रथम वर्ष के पात्र छात्रों को भी समान राहत दी जाए।हाल ही में विधि छात्र मोर्चा के आंदोलन के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र हित में नया ऑर्डिनेंस लागू किया था। इसके तहत अंतिम वर्ष के छात्रों को विशेष अवसर दिया गया, ताकि केवल बैक पेपर के कारण किसी छात्र की पढ़ाई का एक साल बर्बाद न हो। अब प्रथम वर्ष के छात्रों का कहना है कि जब विश्वविद्यालय स्वयं पुरानी व्यवस्था को छात्र हित में उचित नहीं मान चुका है, तो वर्तमान प्रथम वर्ष के छात्रों को इस व्यवस्था से वंचित रखना न्यायसंगत नहीं है। छात्रों का आरोप है कि एक ओर वरिष्ठ छात्रों को विशेष मानदंड के तहत अगली कक्षा में प्रोन्नत किया गया, जबकि प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए अलग नियम लागू किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि एक ही विश्वविद्यालय में अलग-अलग छात्रों के लिए अलग-अलग नियम लागू करना समानता के सिद्धांत के विपरीत है। प्रदर्शन के दौरान छात्र नेता अनस साहू ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन का दोहरा रवैया पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। यदि प्रथम वर्ष के छात्रों को भी समान राहत नहीं दी गई, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। वहीं छात्र नेता अनुज तिवारी ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यवस्था का विरोध करना नहीं, बल्कि प्रत्येक छात्र को समान न्याय दिलाना है। उन्होंने पात्र प्रथम वर्ष के छात्रों को भी विशेष अवसर देने की मांग की।विधि छात्र मोर्चा ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य सभी विधि छात्रों के साथ समान एवं न्यायसंगत व्यवहार सुनिश्चित कराना है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो छात्र हित में आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। इस दौरान अनस साहू, अनुज तिवारी, अरषि तिवारी, जतिन सिंह, आयुष द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।