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विदेश मंत्रालय का स्पष्टीकरण: पासपोर्ट यात्रा दस्तावेज, नागरिकता का प्रमाण नहीं

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PARDARSHI VIKASH NEWS विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारतीय पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण पत्र नहीं, बल्कि मुख्य रूप से एक अंतरराष्ट्रीय यात्रा दस्तावेज है। 14वें पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में मंत्रालय ने कहा कि पासपोर्ट केवल भारतीय नागरिकों को जारी किया जाता है, लेकिन इसे अपने आप में नागरिकता स्थापित करने वाला दस्तावेज नहीं माना जा सकता। मंत्रालय के अनुसार, पासपोर्ट का प्रमुख उद्देश्य विदेश यात्रा को सुगम बनाना और धारक की राष्ट्रीयता की पहचान कराना है।मंत्रालय ने बताया कि राष्ट्रीयता और नागरिकता में अंतर होता है। राष्ट्रीयता किसी व्यक्ति के देश से संबंध को दर्शाती है, जबकि नागरिकता उस देश में मिलने वाले कानूनी अधिकारों और जिम्मेदारियों को परिभाषित करती है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट भी आधार कार्ड को पहचान का दस्तावेज बताते हुए स्पष्ट कर चुका है कि यह नागरिकता का प्रमाण नहीं है।विदेश मंत्रालय के अनुसार, पिछले एक दशक में पासपोर्ट सेवा केंद्रों और संबंधित सुविधाओं की संख्या 77 से बढ़कर 545 हो गई है। चिप आधारित ई-पासपोर्ट की शुरुआत के बाद अब तक 1.47 करोड़ ई-पासपोर्ट जारी किए जा चुके हैं। मंत्रालय ने यह भी बताया कि पासपोर्ट आवेदन निपटाने का औसत समय घटकर 5 से 6 दिन रह गया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि पासपोर्ट रद्द होने से किसी व्यक्ति की भारतीय नागरिकता स्वतः समाप्त नहीं होती, क्योंकि नागरिकता समाप्त करने की प्रक्रिया अलग कानून के तहत निर्धारित है।