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UP बोर्ड वाराणसी कार्यालय में जन्मतिथि संशोधन के नाम पर घूसखोरी का आरोप

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PARDARSHI VIKASH NEWS यूपी बोर्ड के वाराणसी क्षेत्रीय कार्यालय में जन्मतिथि संशोधन के नाम पर 40 हजार रुपये रिश्वत लेने और नियमों के विपरीत मार्कशीट में बदलाव करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि उप सचिव साहब सिंह यादव ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर छात्र की जन्मतिथि में संशोधन कराया।नियमों के अनुसार क्षेत्रीय कार्यालय केवल तीन वर्ष तक की अवधि में जन्मतिथि संशोधन कर सकता है। इससे अधिक पुराने मामलों में संशोधन का अधिकार प्रयागराज स्थित यूपी बोर्ड मुख्यालय के सचिव को होता है।मामला गोरखपुर निवासी अंकित कुमार से जुड़ा है, जिसने वर्ष 2014 में हाईस्कूल परीक्षा पास की थी। अंकित ने शिकायत में बताया कि जन्मतिथि संशोधन के लिए वह कई बार वाराणसी कार्यालय गया। वहां वरिष्ठ सहायक राहुल चौरसिया ने उससे कथित तौर पर 40 हजार रुपये मांगे और कहा कि काम प्रयागराज और दिल्ली तक से होता है। आरोप है कि रुपये लेने के अगले ही दिन संशोधित मार्कशीट जारी कर दी गई।मार्कशीट इतनी जल्दी मिलने पर छात्र को संदेह हुआ, जिसके बाद उसने यूपी बोर्ड सचिव प्रयागराज से शिकायत की।मामले को गंभीर मानते हुए वाराणसी क्षेत्रीय कार्यालय के प्रभारी अपर सचिव दिनेश सिंह ने उप सचिव साहब सिंह यादव, सहायक सचिव मनोज कुमार, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी राणा प्रताप सिंह, प्रशासनिक अधिकारी संजय कुमार जायसवाल, प्रधान सहायक कन्हैया लाल और वरिष्ठ सहायक राहुल चौरसिया से स्पष्टीकरण मांगा है।प्राथमिक जांच में फाइलों में विसंगतियां, ओवरराइटिंग, जांच रिपोर्ट की अनुपस्थिति और आदेशों में विरोधाभास सामने आए हैं। अधिकारियों को निर्धारित समय में जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं, अन्यथा विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।