
अब डर नहीं, अधिकारों की आवाज़ बनें महिलाएं: पुलिस कमिश्नर
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को पुलिस आयुक्तालय की ओर से 'शक्ति संवाद' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और युवतियों ने भाग लिया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने महिला सुरक्षा, कानून और हेल्पलाइन सेवाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने महिलाओं से कहा कि छेड़छाड़, घरेलू हिंसा, साइबर अपराध, पीछा करने या किसी भी प्रकार के उत्पीड़न की स्थिति में बिना किसी भय या संकोच के तत्काल पुलिस से संपर्क करें। उन्होंने महिला हेल्पलाइन और आपातकालीन सेवाओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में अधिकारियों ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें और किसी भी अपराध की स्थिति में कानूनी सहायता लेने से पीछे न हटें।इस अवसर पर महिला सुरक्षा से संबंधित कानूनों, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया और पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सुविधाओं की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि हर शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई की जाती है और पीड़ितों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाती है।एडीसीपी स्नेहा तिवारी ने कहा कि 'शक्ति संवाद' का उद्देश्य महिलाओं और युवतियों में आत्मविश्वास बढ़ाना, उन्हें कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना और सुरक्षा संबंधी विषयों पर खुलकर संवाद स्थापित करना है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि किसी भी अप्रिय घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।कार्यक्रम के अंत में महिलाओं को आत्मनिर्भर, जागरूक और निर्भीक बनने का संदेश दिया गया तथा महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस और समाज की साझा जिम्मेदारी पर भी बल दिया गया।
किसी भी घटना की पुलिस को दें जानकारी
एडीसीपी स्नेहा तिवारी ने बताया कि 'शक्ति संवाद' कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं और युवतियों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है और उन्हें उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी देना है। उन्होंने कहा कि महिलाएं किसी भी प्रकार की घटना होने पर भयभीत न हों, बल्कि तत्काल पुलिस को सूचना दें। पुलिस उनकी सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम के अंत में महिलाओं से संवाद कर उन्हें आत्मनिर्भर, जागरूक और निर्भीक बनने का संदेश दिया गया।